कुछ विपक्षी दलों की ओर से सोमवार को पूरे देश में नोटबंदी के खिलाफ बाजार बंद का आह्वान किया गया था। विपक्षी दलों का नोटबंदी के खिलाफ चलाया गया अभियान जिले में पूरी तरह फ्लॉप रहा। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारियों ने रोजाना की तरह सोमवार को भी अपने प्रतिष्ठान खोले।
शहर में गोलाघाट, बस स्टेशन, डाकखाना चौराहा, जीएन रोड, जिला अस्पताल तिराहा, चौक, सब्जी मंडी, दरियापुर समेेत अन्य स्थलों पर दुकानें खुलीं। हालांकि कांग्रेस की ओर से की गई बाजार बंदी की चर्चा व्यापारियों में जरूर रही। कुछ व्यापारियों ने बताया कि विपक्षी दलों की ओर से की गई बंदी का व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ा है। एक भी प्रदर्शनकारी शहर में दुकानें बंद करवाने के लिए आगे नहीं आया।
दोपहर बाद प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में बाजार में निकले लेकिन फिर भी दुकानें नहीं बंद हुईं। सुपर मार्केट से जुलूस डाकखाना होते हुए तिकोनिया पार्क पहुंचा, जहां से कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने के बाद बाजार बंद के सफल होने का दावा कर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार बंद का कोई असर नहीं दिखाई पड़ा। व्यापारियों ने बताया कि नोटबंदी के बाद भले ही परेशानी हुई है लेकिन विपक्षी दलों की बंदी का उन पर कोई असर नहीं है।
व्यापारी अपने कारोबार से समझौता नहीं करेगा। ग्रामीण अंचलों में कूरेभार, कुड़वार, पारा बाजार, धनपतगंज, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, दोस्तपुर, अखंडनगर, लंभुआ, भदैंया, दूबेपुर समेत अन्य बाजारों में रोजाना की तरह दुकानें खुलीं।