भइया दूज (यम द्वितीया) पर्व पर मंगलवार को बहनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बहनों ने भाइयों का तिलक किया और उनकी लंबी आयु व संकट मुक्ति की कामना की। भाइयों ने भी दूरदराज से बहनों के घर पहुंच तिलक पूजन कराया और बहनों को तरह-तरह के उपहार दिए।
दीपावली व प्रतिपदा के बाद पड़ने वाले भइया दूज का त्योहार मंगलवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। महिलाओं ने रंग-बिरंगे परिधानों में सज-धज कर दूज पूजन किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने एकत्र होकर यमराज व चंद्रमा का गोबर से चित्र बनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया। यम द्वितीया की कथा सुनने के बाद प्रसाद चढ़ाकर महिलाओं ने अपने भाइयों की लंबी उम्र व भय बाधाओं से दूर रहने की कामना की।
भाइयों ने बहनों के घर पहुंच उनसे तिलक-पूजन कराया और मुंह मीठा कर प्रसाद ग्रहण किया। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। दूरदराज व परदेस में रहने वाले लोगों ने बहनों के घर पहुंच परंपरा का निर्वहन किया। बच्चों में इस त्योहार को लेकर खासा उत्साह रहा।