जिले के किसी भी बीएड कॉलेज की सीटें पहली काउंसलिंग में पूरी नहीं भरी जा सकी हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कॉलेज लॉक करने के बावजूद महाविद्यालय में शुल्क नहीं जमा किया है। बीएड पाठ्यक्रम में खाली रह गईं सीटों को भरने के लिए कॉलेज प्रबंधतंत्र दूसरी काउंसलिंग की बाट जोह रहे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों के बीएड में प्रवेश के लिए आयोजित पहली काउंसलिंग में जिले के किसी भी बीएड कॉलेज की सीटें नहीं भर सकी हैं। कई महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कॉलेज लॉक करने के बाद भी प्रवेश नहीं लिया है।
कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में 100 सीटों के सापेक्ष 72 पर प्रवेश हुआ है जबकि 28 सीटें खाली रह गईं हैं। केदारनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग में भी तीन सीटें नहीं भर पाईं।
गनपत सहाय पीजी कॉलेज में सात व राणा प्रताप पीजी कॉलेज में दो सीटें पहली काउंसलिंग में नहीं भरी हैं। दूरस्थ इलाकों में मौजूद स्ववित्तपोषित बीएड कॉलेजों की स्थिति और खराब है। कई स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में आधे से अधिक सीटें पहली काउंसलिंग में नहीं भर सकी हैं।