पांच दिन के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले तो ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जमा निकासी के लिए काफी भीड़ रही। चेकों के क्लीयरेंस में बैंक कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इससे ग्राहकों व बैंक कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक की शाखाओं में खाता धारकों की कतार लगी रही।
होली के अवकाश के चलते 23 मार्च से ही बैंक शाखाओं में अवकाश घोषित कर दिया गया था। रविवार तक पांच दिनों की बैंक बंदी रही। छठे दिन सोमवार को जब बैंक शाखाएं खुलीं तो लेन-देन करने वाले खाताधारकों की भीड़ उमड़ पड़ी। धन की जमा और निकासी के काउंटर पर सुबह से ही खाताधारकों की लंबी कतार लग गई। धक्का-मुक्की के चलते कतार में लगे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। काउंटरों पर भी रोजाना की अपेक्षा काम का दबाव ज्यादा रहा।
दबाव में काम कर रहे बैंक कर्मियों से बीच-बीच में उपभोक्ताओं की नोकझोंक भी हुई। भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक की शाखाओं में काफी मशक्कत के बाद ग्राहकों के कार्य निपटाए गए। बीच-बीच में सर्वर की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं का भी यही हाल रहा। सबसे ज्यादा दिक्कत चेकों के क्लीयरेंस में हुई। शाखाओं के नेटवर्किंग तालमेल न बन पाने की वजह से कई उपभोक्ताओं के चेक क्लीयर नहीं हो सके।
इससे खातों में धनराशि का आदान-प्रदान नहीं हो सका। बैंक अधिकारियों ने बताया कि लंबी छुट्टी की वजह से सोमवार को कार्य का काफी दबाव रहा। मंगलवार से रुटीन के मुताबिक कार्य होगा।