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बैंकों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था

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सुल्तानपुर। बैंकों की हड़ताल से शनिवार को दूसरे दिन व्यवस्था चरमरा गई। बैंकों के विलयीकरण, नई नियुक्तियों पर रोक जैसी अन्य कई समस्याओं को लेकर बैंक कर्मियों का प्रदर्शन दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। मांगें पूरी नहीं होने से नाराज बैंक कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर शहर में जुलूस निकाला।
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अखिल भारतीय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आयोजित दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक नहीं शामिल हुआ। हड़ताल की वजह से आम लोगों को धन की जमा-निकासी के लिए खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन की हड़ताल से करीब 80 करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा।
अखिल भारतीय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शनिवार को व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। दो दिन की लगातार हुई हड़ताल से सरकारी व निजी सेक्टर की करीब 117 से अधिक शाखाओं में ताला लटका रहा। इससे करोड़ों रुपये का टर्नओवर प्रभावित रहा।
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यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन समेत अन्य कई संगठनों की ओर से शहर में जुलूस निकाला गया। बैंक कर्मचारियों ने बस स्टेशन स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच से जुलूस निकाला। जुलूस बस स्टेशन से दीवानी चौराहा होते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय पर पहुंचा।
वहां संचालित क्षेत्रीय कार्यालय को बंद करवाया गया। क्षेत्रीय कार्यालय से बैंक कर्मियों का जुलूस डाकखाना चौराहा, शाहगंज चौराहा होते हुए बाधमंडी स्थित आईडीबीआई बैंक पहुंचा। आईडीबीआई बैंक में ताला बंद करवाने के बाद प्रदर्शनकारी एचडीएफसी बैंक पहुंचे। एचडीएफसी बैंक को भी बंद करवाया गया।
वहां से दरियापुर तिराहे पर इकट्ठा होने के बाद जुलूस बस स्टेशन पहुंचकर सभा के बाद समाप्त हुआ। सभा को संबोधित करते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक अशोक शुक्ला ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियां बैंक कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। बैंक कर्मियों की मांगों पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष आलोक सिंह ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता से बैंक कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है। बैंकों के विलयीकरण का विरोध निरंतर जारी रहेगा। सरकार की ओर से नई नियुक्तियों पर भी रोक लगा दी गई है। यह सरासर गलत है।
प्रदर्शन करने वालों में संजीव यादव, विवेक वर्मा, मनोज कुमार, अनिल मिश्रा, ईशान खरे, आनंद खरे, योगेश प्रताप सिंह, वीरेंद्र शर्मा, विशाखा सिंह, अजय सिंह, पूनम तिवारी, रूपम पांडेय, वर्तिका सिंह, अरुण सिंह समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल रहे। दूसरे दिन भी बैंक शाखाओं पर कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज बाधित रहा।
दिन में बैंक के खाताधारकों को धन की जमा-निकासी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष आलोक सिंह ने बताया कि शनिवार को दूसरे दिन भी बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते करीब 80 करोड़ का लेन-देन नहीं हुआ।
हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में रही किल्लत
अखिल भारतीय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, पीएनबी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईओबी के अलावा विभिन्न बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक करीब 79 शाखाएं शनिवार को भी सुचारु रूप से संचालित रहीं।
जयसिंहपुर क्षेत्र में एसबीआई, केनरा समेत अन्य बैंक शनिवार को दूसरे दिन भी बंद रहीं। केनरा बैंक जयसिंहपुर के शाखा प्रबंधक आदित्य सिंह, जयशंकर समेत अन्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। आदित्य सिंह ने बताया कि हड़ताल के चलते करीब 70 लाख का लेन-देन प्रभावित हुआ।
कैशलेस रहे ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम
शहर में तो कुछ एटीएम पर करेंसी चेस्ट डाला गया। हालांकि कई एटीएम कैशलेस रहे। ग्रामीण क्षेत्र में तो शनिवार को एटीएम पूरी तरह से कैशलेस रहे। करेंसी नहीं होने की वजह से एटीएम के शटर गिरे रहे।
जयसिंहपुर, कूरेभार, बल्दीराय, मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर, दोस्तपुर, लंभुआ, कुड़वार समेत अन्य स्थानों पर स्थित कई एटीएम कैशलेस रहे। एटीएम पर पैसा नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के खाताधारकों को धन निकासी के लिए जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ी। यहां भी उन्हें निराश होना पड़ा।
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