500-1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद शुरू हुई लोगों की परेशानी समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। दो दिनों के बैंक अवकाश के दौरान एटीएम पर कैश लोड ही नहीं कराया गया। इससे गिने-चुने एटीएम पर ही धन निकासी हो सकी।
एटीएम पर पैसा निकालने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी रही। ग्रामीण अंचल में स्थापित एटीएम का संचालन शनिवार को भी नहीं हो सका। धन निकासी की आस में एटीएम पर पहुंचे लोगों को निराश होना पड़ा।
नोटबंदी के बाद शुरू हुआ एटीएम पर कैश लोड का संकट कम नहीं हो रहा है। शनिवार को बैंक शाखाओं में चौथे शनिवार के चलते अवकाश रहा। ऐसे में खाताधारकों को धन निकासी के लिए एटीएम की ओर रुख करना पड़ा।
बैंक अधिकारियों की ओर से शनिवार और रविवार दो दिन के अवकाश को लेकर एटीएम पर कैश नहीं लोड करवाया गया। जिले में विभिन्न बैंक शाखाओं के 116 एटीएम हैं। बैंक में करेंसी चेस्ट का संकट गहराने के बाद एटीएम पर कैश का दबाव बढ़ गया है।
जिन एटीएम पर इक्के-दुक्के लोग नजर आते थे, वहां लंबी कतार देखने को मिल रही है। शहर में रविवार को एसबीआई व बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में कैश रहा। शहर के आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस, पीएनबी, केनरा, आईडीबीआई, सिंडीकेट, विजया, इलाहाबाद समेत अन्य बैंकों के एटीएम कैशलेस रहे। यहां पर लोड नहीं भेजा गया।