चकबंदी लेखपाल की परीक्षा देने आए युवाओं ने रेलवे और बस स्टेशन पर जमकर उपद्रव किया। दोपहर बाद प्रतापगढ़ की ओर जाने वाली एक भी ट्रेन नहीं आने से परीक्षार्थियों की भीड़ इस कदर बढ़ी कि वे पूरी तरह से निरंकुश हो गए।
करीब 55 मिनट देरी से आई साकेत लिंक एक्सप्रेस पर परीक्षार्थियों ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया। ट्रेन के इंजन से लेकर स्लीपर व एसी कोच तक में देखते ही देखते परीक्षार्थी भर गए। मुंबई के लिए पहले से आरक्षण कराए लोग ट्रेन पर नहीं सवार हो सके। रविवार होने के चलते आरक्षण काउंटर बंद होने से आरक्षण कराए यात्री अपना टिकट भी नहीं वापस कर सके। देर रात तक स्टेशन पर अराजकता का माहौल रहा।
पुलिस भी इनकी संख्या बल के आगे असहाय नजर आई। रविवार को चकबंदी लेखपाल की लिखित परीक्षा के लिए अमेठी तहसील में कुल 13 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर कुल 8600 परीक्षार्थियों को परीक्षा देना था। दोपहर एक बजे परीक्षा समाप्त होने पर शहर में परीक्षा देने आए युवकों की भीड़ बढ़ गई।
सुलतानपुर की ओर जाने वाले परीक्षार्थियों ने बस स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। युवक बसों की छतों पर सवार हो गए। कोतवाली प्रभारी ने बसों की छतों से नीचे उतारकर एक-एक बस को रवाना कराया। रेलवे स्टेशन पर इनका पूरी तरह से कब्जा रहा।