अखंडनगर के अलीपुर कांपा में रोते-बिलखते परिजन। स्रोत-ग्रामीण
अखंडनगर। कादीपुर-अखंडनगर मार्ग पर नरवारी बाजार के पास मंगलवार सुबह सड़क हादसे में पति-पत्नी और बेटे की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश बुधवार को भी थमा नहीं। परिजन कॉलेज संचालक से मुआवजे की मांग पर अड़े रहे और शवों का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। बुधवार शाम 4:30 बजे 18 घंटे बाद मृतक की बड़ी बेटी को विद्यालय में नौकरी और अन्य बेटियों की निशुल्क शिक्षा का आश्वासन मिलने के बाद परिजन राजी हुए। इसके बाद देवाढ़ घाट पर एक साथ तीनों चिताएं जलीं।
नरवारी बाजार के पास मंगलवार सुबह तेज रफ्तार विश्वनाथ पीजी कॉलेज कलान की बस ने मोपेड को टक्कर मार दी थी। हादसे में अलीपुर कांपा निवासी प्रदीप (21), पिता रामलवट (55) और मां दुर्गावती (50) की मौत हो गई थी। बस को कब्जे में लेकर पुलिस ने चालक को गिरफ्तार करने के लिए दो टीमें भी बनाईं। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम सात बजे तीनों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
शवों को अलीपुर बाजार की सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया, रोड जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सीओ कादीपुर विनय गौतम व एसडीएम विनीत कुमार ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने। आखिरकार देर रात 1:30 बजे तक चले प्रदर्शन के बाद अपर जिलाधिकारी प्रशासन रत्नप्रिया परिजनों को समझाने पहुंचीं।
वार्ता के बाद परिजन राजी हुए और शवों को लेकर घर चले गए। अलीपुर कांपा गांव से तीनों अर्थी एक साथ उठी। मृतक राम लवट की पुत्री शिवांगी, प्रिया, नंदिनी और रिया ने शवों को कंधा दिया।