विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन पर उतरीं आशा बहुओं ने बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल का मुख्य द्वार बंद कर दिया। अस्पताल गेट बंद होने से मरीजों के साथ ही उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चिकित्सकों की मान मनौव्वल के बाद आशाओं ने एक घंटे बाद अस्पताल का दूसरा छोटा दरवाजा खुलने दिया, तब ओपीडी सेवा शुरू हो सकी। आशा संघ ने प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी चिकित्साधिकारी को दिया।
पारिश्रमिक के स्थान पर मानदेय निर्धारित करने व राज्य कर्मचारी का दर्जा देने को लेकर कार्य बहिष्कार व विरोध प्रदर्शन पर उतरीं आशा बहुओं ने बृहस्पतिवार को संयुक्त जिला अस्पताल का मुख्य द्वार बंद कर दिया। अस्पताल के गेट पर ताला बंद करने के बजाय सभी आशा बहू दरवाजे को घेर कर बैठ गईं और उधर से किसी को भी अंदर-बाहर नहीं होने देने की जिद पर अड़ गईं।
चिकित्सकों की ओर से काफी देर की गई मान मनौव्वल के बाद आशा बहुओं ने दूसरे छोटे गेट को खोला तब ओपीडी सेवा शुरू हो सकी। विरोध प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने शासन-प्रशासन पर हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद आशाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी चिकित्साधिकारी को दिया। इस मौके पर संगठन की जिलाध्यक्ष रीता सिंह, सुमन श्रीवास्तव, आशा सिंह, मिथिलेश सिंह, वीना सिंह, लक्ष्मी, रानी, जनकलली व उर्मिला सहित बड़ी संख्या में आशा बहू मौजूद रहीं।