सुल्तानपुर। पूर्व विधायक सफदर रजा के खिलाफ कोतवाली नगर में दर्ज केस को वापस लेने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से दी गई अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने अर्जी खारिज कर पूर्व विधायक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश से पूर्व विधायक को बड़ा झटका लगा है। उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
विशेष लोक अभियोजक वैभव पांडेय के मुताबिक कोतवाली नगर क्षेत्र के सिरवारा रोड निवासी कमल सेठ ने 13 सितंबर 1994 को तत्कालीन विधायक सफदर रजा व बरकत अली, उनके भतीजे मो. अहमद और सपा जिलाध्यक्ष कमरुज्जमा फौजी के खिलाफ कोतवाली नगर में बलवा, घर में घुसकर धारदार हथियार से मारपीट करने व चोरी करने का केस दर्ज कराया था।
कमल सेठ का आरोप है कि वह अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी भारी भीड़ के साथ पहुंचे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया था और दुकान में घुसकर मारपीट करने के साथ ही सामान की चोरी की थी। मामले में पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट ने 16 मार्च 1999 को संज्ञान लिया था। 14 जनवरी 2007 को प्रदेश शासन ने इस मुकदमे को वापस लेने का निर्णय लिया था।
शासन के निर्देश पर 27 फरवरी 2007 को तत्कालीन सहायक अभियोजन अधिकारी एनबी सिंह ने केस वापस लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। इस अर्जी पर पिछले दिनों सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।
मामले की सुनवाई कर रहे एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश यादव ने मुकदमा वापस लेने के लिए दी गई अर्जी को खारिज कर पूर्व विधायक सफदर रजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (गैर जमानती वारंट) जारी करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश से पूर्व विधायक को बड़ा झटका लगा है और उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पूर्व विधायक व दो अन्य की हो गई मौत
मामले में नामजद किए गए पूर्व विधायक बरकत अली व पूर्व सपा जिलाध्यक्ष कमरुज्जमा फौजी की मौत हो गई है। पूर्व विधायक बरकत अली के भतीजे मो. अहमद की हाल ही मौत हो गई है।