लगातार हालत बिगड़ती चली गई
मृतका की मां उर्मिला पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद अंशिका को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। करीब तीन घंटे बाद जाकर टांके लगाए गए। इस दौरान हालत बिगड़ती चली गई। अंशिका को ठंड लगने लगी। परिजनों ने कई बार डॉक्टरों को बुलाया, लेकिन वे केवल रक्तचाप की जांच कर वापस चले जाते रहे। हालत तब और गंभीर हो गई जब अंशिका की सांस उखड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि उस समय भी तत्काल इलाज के बजाय डॉक्टरों ने उसे किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी। कुछ ही देर बाद अंशिका ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
सूचना पर पहुंचे एसएचओ श्याम सुंदर ने परिजनों से मुलाकात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनकी बात एसडीएम कादीपुर से भी कराई। परिजनों ने प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम कादीपुर उत्तम तिवारी ने बताया कि परिजनों ने अस्पताल में हुई अभद्रता और लापरवाही को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। मामले में जिलाधिकारी से बातचीत कर जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। साथ ही शासन स्तर से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। उधर, नवजात शिशु को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।