गोसाईगंज (सुल्तानपुर)। तेरहवीं भोज में गए एक नौ वर्षीय बच्चे को अगवा कर उसे मार डाला गया और फिर ट्यूबवेल के कुएं में फेंक दिया गया। प्राथमिक जांच में पता चला कि यह हत्या पिता से रास्ते की रंजिश के चलते की गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद ही शव बरामद हुआ है।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के उघड़पुर गांव निवासी राघवराम का पुत्र विवेक कुमार (09) शनिवार रात गांव के ही शिवबहादुर के यहां तेरहवीं भोज में गया था। काफी देर बाद तक वह नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे कार्यक्रम स्थल से लेकर आसपास तलाश किया।
पूरी रात तलाश के बाद जब वह नहीं मिला तो रविवार सुबह ही राघवराम के परिवारीजन व रिश्तेदार गोसाईगंज थाने पर पहुंचे। वहां राघवराम ने पुत्र विवेक के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए गांव के ही आदित्य, सत्यम व प्रियांशु के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद शाम तक सेहूपारा गांव के खेत में स्थित एक निजी नलकूप के टैंक में उसका शव पाया गया।
शव मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर इकट्ठा हो गई। पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा, सीओ जयसिंहपुर प्रशांत सिंह भी पहुंचे। शव को टैंक से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया। पिता राघवराम ने पुलिस अधिकारियों से हत्या का केस दर्ज कराने व दो आरोपियों का नाम बढ़ाने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने धाराओं में परिवर्तन व अन्य आरोपियों का नाम बढ़ाने का आश्वासन पीड़ित परिजनों को दिया।
आपसी अदावत में ले ली मासूम की जान
उघड़पुर गांव में राघवराम व आरोपियों के परिवार के बीच काफी दिनों से रंजिश चल रही है। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि विपक्षियों ने राघवराम से बदला लेने के लिए उसके पुत्र विवेक का पहले अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
आरोपियों ने ही बताई घटनास्थल की डिटेल
सूत्रों के मुताबिक रविवार को तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो विवेक की हत्या का पता चला। आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। साथ ही शव छिपाने की जगह भी बताई। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस सेहूपारा स्थित निजी नलकूप पर पहुंची और वहां से मासूम का शव बरामद किया गया। हालांकि पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा कह रहे हैं कि हत्या के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और सुराग मिले हैं जिसके आधार पर सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।
घर का सबसे छोटा और दुलारा था विवेक
राघवराम का सबसे बड़ा पुत्र पंकज है। इसके बाद दो बेटियां आशा व गायत्री हैं। विवेक उनका सबसे छोटा पुत्र था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।