विद्युत सुधार के क्षेत्र में भारत सरकार की ओर से शुरू की गई अति महत्वाकांक्षी इंटिग्रेटेड पावर डवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत चयनित जिले के अमेठी व मुसाफिरखाना नगर पंचायतों में जल्द ही तीन नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे।
पावर कॉर्पोरेशन की ओर से इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव को केंद्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। 33/11 केवी के तीन विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना पर 10.68 करोड़ की लागत आएगी। प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद केंद्र ने कार्पोरेशन से तीनों उपकेंद्रों की स्थापना के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने को कहा है।
पांच हजार से अधिक आबादी वाली देश की सभी नगर पंचायतों को कटौती मुक्त बनाने के साथ ही इन्हें विद्युत के क्षेत्र में आपात स्थिति से निपटने लायक बनाने के लिए मौजूदा केंद्र सरकार ने इंटिग्रेटेड पॉवर डवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) शुरू की है। इस योजना के पहले चरण में चयनित शहरों में 33/11 केवी के उपकेंद्र बनाए जाने हैं।
बीते दिनों केंद्र सरकार ने पावर कॉर्पोरेशन को पत्र भेजकर पहले चरण में ऐसी नगर पंचायतों का चयन पूरा करने को कहा था, जहां भविष्य की आवश्यकता के सापेक्ष उपकेंद्रों की स्थापना तत्काल आवश्यक हो। केंद्र की मांग पर पावर कॉर्पोरेशन के मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने जिले की अमेठी नगर पंचायत में दो तथा मुसाफिरखाना में 33/11 केवी (क्षमता पांच एमवीए) का एक उपकेंद्र खोलने का प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा था।
भेजे गए प्रस्ताव में अमेठी शहर में दो उपकेंद्र की स्थापना पर 624.35 लाख तथा मुसाफिरखाना में एक उपकेंद्र की स्थापना पर 443.93 लाख (कुल 1068.28 लाख) की लागत आने की बात कही गई थी। कॉर्पोरेशन की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव को भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की स्टीयरिंग कमेटी की ओर से सैद्धांतिक अनुमोदन भी मिल चुका है।