जनपद से संबंधित सूचनाओं के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़े इसके लिए शासन ने जल्द ही जिले का गजेटियर छापने का आदेश दिया है। शासन के आदेश पर गजेटियर के संपादक जयप्रकाश सागर (आईएएस) की ओर से जारी पत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सभी विभागों से जिले से जुड़ी समस्त आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। छपने के बाद गजेटियर को ऑनलाइन किया जाएगा।
रायबरेली व सुल्तानपुर जिले को काटकर एक जुलाई 2010 को अमेठी (तब छत्रपति शाहूजी महाराज नगर) जिले का गठन हुआ था। जिले का गठन होने को करीब साढ़े पांच वर्ष पूरे होने के बावजूद अब तक जिले का गजेटियर नहीं छापा गया था। राज्य स्तर पर इससे जुड़े विभाग को भी बीते दिनों इसकी याद तब आई जब शासन की ओर से सभी जिलों के गजेटियर को ऑनलाइन करने का फरमान जारी हुआ। शासन का आदेश मिलने के बाद पता चला कि अब तक प्रदेश के मात्र 54 जिलों का ही गजेटियर छपा है।
अमेठी समेत 21 जिलों का गजेटियर नहीं छपने की बात सामने आने के बाद गजेटियर के संपादक जयप्रकाश सागर (आईएएस) की ओर से जिला प्रशासन को एक पत्र व प्रश्नावली भेजी गई। भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिले के सभी 84 विभागों से प्रश्नावली के अनुसार सूचनाएं संकलित कर निर्धारित प्रारूप पर विभाग को उपलब्ध कराएं जिससे जिले का गजेटियर छापा जा सके। पत्र में जिला स्तर पर एक नोडल व एक सहायक नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है। पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि छपने के बाद अन्य जिलों की तरह इस जिले के गजेटियर को भी ऑनलाइन किया जाएगा जिससे कोई भी व्यक्ति संबंधित वेबसाइट खोलकर कोई भी जानकारी प्राप्त कर सके।
एडीएम बनाए गए नोडल
शासन का पत्र मिलने के बाद डीएम जगतराज त्रिपाठी ने एडीएम एसएन यादव को सूचना एकत्रीकरण का नोडल व जिला सूचना अधिकारी आरएन सिंह को सहायक नोडल नामित किया है। एडीएम ने बताया कि सभी विभागों को पत्र लिखकर प्रश्नावली के अनुसार जानकारी जल्द उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।