अखंडनगर। चाभी लेकर खेलते-खेलते कार के अंदर पहुंचे एंबुलेंस चालक आलोक तिवारी के तीन वर्षीय बेटे अथर्व की दम घुटने से मौत हो गई। तीन घंटे खोजबीन के बाद उसका शव कार के अंदर मिला।
अखंडनगर सामुदायिक केंद्र पर बतौर एबुलेंस चालक अमेठी जिले के रामगंज रामपुर निवासी आलोक तिवारी तैनात हैं। वह पत्नी दामिनी और तीन वर्षीय बेटे अथर्व के साथ सीएचसी परिसर में बने सरकारी आवास में रहते हैं, उनकी पत्नी दामिनी भी एमटी पद पर तैनात हैं। शुक्रवार दोपहर दो बजे उनका तीन वर्षीय बेटा घर में खेल रहा था। घर के पीछे की तरफ बाहर कार खड़ी थी। कुछ देर तक वह कार की चाभी लेकर परिजनों के साथ ही घर में खेल रहा था, इसके बाद परिजन किसी दूसरे काम में लग गए।
इसी बीच अथर्व चाभी लेकर घर के पीछे खड़ी कार में घुस गया, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी। काफी देर तक जब वह नहीं दिखा तो परिजन उसे खोजने लगे। काफी देर तक खोजबीन के बाद भी जब वह तीन घंटे तक नहीं मिला तो घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया, जिसमें अथर्व चाभी लेकर घर के पीछे जाता दिखा। परिजनों ने जाकर कार के अंदर झांका, तो उनके होश उड़ गए, अथर्व कार के अंदर बेहोश पड़ा था। आनन-फानन में उसे निकालकर सीएचसी लाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। मां दामिनी तिवारी का रो-रोकर बुरा हाल है।
थानाध्यक्ष दीपक कुशवाहा ने बताया कि परिजन शव को लेकर अपने मूल निवास अमेठी के रामगंज रामपुर लेकर चले गए, कोई तहरीर नहीं दी गई है।