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अमर उजाला ने दी परमानंद के हौसले को उड़ान

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सुल्तानपुर। अमर उजाला की ओर से सोमवार को लखनऊ में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर यूपी बोर्ड के हाईस्कूल के जिला टॉपर परमानंद यादव का चेहरा खिल उठा।
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उत्साह से लबरेज परमानंद को अपने सम्मान पर यकीन ही नहीं हो रहा है। सम्मान पाने के बाद वह सुनहरे भविष्य के सपने बुनने लगा है।
अमर उजाला की ओर से सोमवार को लखनऊ में यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टॉपरों को सम्मानित करने के लिए मेधावी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों मेधावियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में हिस्सा लेने हाईस्कूल में जिला टॉप करने वाले मधुसूदन विद्यालय इंटर कॉलेज के छात्र व लंभुआ निवासी परमानंद यादव भी लखनऊ पहुंचे थे।
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मुख्यमंत्री के हाथों अमर उजाला का प्रमाण पत्र व 21 रुपये धनराशि का चेक पाते ही परमानंद का चेहरा खिल गया। कार्यक्रम से लौटने के बाद परमानंद ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने की कल्पना तक नहीं की थी।
अमर उजाला का धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर वे खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। परमानंद ने कहा कि हम जैसे तमाम छात्रों को अमर उजाला ने सीएम के हाथों सम्मानित कराकर उनका उत्साहवर्धन किया है।
कार्यक्रम से हौसला बढ़ा है। अब वह और मेहनत से पढ़ाई करके आगे बढ़ेगा। बताया कि उसका लक्ष्य आईएएस बनकर देश की सेवा करना है।
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलने के परमानंद के परिवार में भी खुशी का माहौल है। लखनऊ से जिला विद्यालय निरीक्षक की देखरेख में वापस लौटने के बाद उसके प्रमाण पत्र व सम्मान राशि की जानकारी लेने परिवार के साथ मोहल्ल के लोग भी पहुंच गए।
सम्मान से माता-पिता व चाचा को अपने होनहार पर गर्व है। परिवार के लोगों ने अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल सराहनीय है। सीएम से सम्मान मिलने पर एमएसवी के प्रधानाचार्य डॉ. भानुप्रकाश चतुर्वेदी, इंद्रपाल शुक्ल समेत अन्य शिक्षकों ने खुशी जताई है।
परमानंद यादव के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उसके पिता राम सहाय यादव की लंभुआ कस्बे में कपड़े की छोटी सी दुकान है। मां सुदामा यादव गृहणी है।
तीन-भाई बहनों परमानंद दूसरी संतान है। परमानंद यादव के चाचा राम यतन यादव बताते हैं कि परिवार में परमानंद कमल की तरह खिल रहा है। उससे बड़ी उम्मीदें हैं।
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