सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में रविवार को ओपीडी बंद रहने से इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ का दबाव बढ़ गया। बेड फुल हो गए तो स्ट्रेचर मंगाए गए। वार्डों में अतिरिक्त बेड लगाकर व्यवस्था संभालने का प्रयास किया गया, फिर भी पूरे दिन बेड को लेकर मारामारी रही। इमरजेंसी में इलाज के लिए ईएमओ समेत तीन चिकित्सक लगाए गए। भीड़ बढ़ने से डॉक्टर भी परेशान दिखे।
संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ते ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इमरजेंसी में लोग बाहर बैठकर इंतजार करते दिखे। रोगियों से मेडिकल कॉलेज के सभी 226 बेड फुल हैं। प्राइवेट वार्ड व जनरल वार्ड के बरामदे में 35 अतिरिक्त बेड लगाए गए।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डॉ. दीपक मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी में रविवार को रिकार्ड 925 मरीजों का इलाज किया गया, जो रोजाना औसत से 150 ज्यादा है। संक्रामक बीमारियों के कारण मरीजों की भीड़ लग रही है।
इमरजेंसी में बैठने की जगह नहीं
इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ के चलते तीमारदारों के लिए बनाई गई बेंच पर मरीजों का इलाज किया गया। मरीज व तीमारदार इमरजेंसी के बाहर फर्श पर बैठकर बेड का इंतजार करते रहे। स्थिति यह रही कि फर्श पर बैठने के लिए भी मरीजों व तीमारदारों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
2023 की तुलना में अक्तूबर में बढ़े 123 डेंगू के मामले
वर्ष 2023 की तुलना में इस बार डेंगू के मामले तेजी से बढ़े हैं। अक्तूबर महीने में पिछले वर्ष केवल 31 मामले दर्ज किए गए थे, जो इस बार बढ़कर 154 हो गए हैं। सबसे ज्यादा मामले सितंबर और अक्तूबर में आए हैं।
सितंबर में पिछले वर्ष 24 मरीज मिले, जबकि इस वर्ष 54 मरीज मिले थे। जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. वंशीलाल ने बताया कि इस वर्ष डेंगू के मामले नवंबर तक देखने को मिलेंगे। अभी डेंगू का पीक समय चल रहा है। सभी को अलर्ट रहकर मच्छरों से खुद को बचाना होगा। जब भी बुखार की शिकायत हो तो घबराएं नहीं, तुरंत अस्पताल जाकर जांच कराएं। सरकारी अस्पतालों में जांच निशुल्क है। उसके बाद डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा लें और आराम करें। अमूमन डेंगू की बीमारी सही होने में एक हफ्ते से 10 दिन का समय लगता है।
बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही .
लोग सीएचसी और पीएचसी जाने के स्थान पर सुविधानुसार मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं। वार्ड फुल हैं, बरामदों में भी बेड बढ़ाए जा रहे हैं, बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। डॉक्टर लगातार मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुल्तानपुर।