डेंगू से प्रदेश में हो रही मौतों और सरकार की ओर से जारी हाई अलर्ट के बाद जिले का स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो उठा है। हालांकि जिले में अब तक डेंगू व इंसेफ्लाइटिस का कोई मरीज नहीं मिला है। बावजूद इसके संयुक्त जिला चिकित्सालय में आठ बेड का एक वार्ड सुरक्षित करने के साथ ही जांच की सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं। चिकित्सकों की रोस्टर में ड्यूटी लगाई गई है।
शासन का पत्र मिलने के बाद सीएमओ डॉ. आनंद ओझा के आदेश पर संयुक्त जिला चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. बीके सिंह नेे आठ बेड का एक वार्ड अतिरिक्त रूप से सुरक्षित कर दिया है। इतना ही नहीं संयुक्त जिला चिकित्सालय में डेंगू की जांच के लिए विशेष कार्ड की व्यवस्था के साथ प्लेटलेट्स की जांच की व्यवस्था कराई गई है। अस्पताल में तैनात चिकित्सकों की रोस्टर में ड्यूटी लगाने के साथ ही दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सीएमओ ने बताया कि अब तक जिले में डेंगू व इंसेफ्लाइटिस का कोई मरीज चिह्नित नहीं हुआ है। बावजूद इसके विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
होगा दवाओं का छिड़काव : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आनंद ओझा ने कहा कि दवाओं के छिड़काव की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है। बावजूद इसके जहां दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ होगा वहां विभाग की ओर से छिड़काव करवाया जाएगा।
डेंगू व इंसेफ्लाइटिस के लक्षण
संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि डेंगू में मरीजों को तेज बुखार के अलावा सिर व जोड़ों के दर्द के साथ सर्दी, जुकाम व गले में खरास बनी रहती है। इसी तरह इंसेफ्लाइटिस में मरीज तेज बुखार आने के बाद बेहोश हो जाता है और गले में अकड़न हो जाती है। डेंगू में शरीर को ठंडे पानी से लगातार साफ करना चाहिए। इंसेफ्लाइटिस के लक्षण दिखते ही मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए।