सुल्तानपुर। चर्चित डॉ. घनश्याम तिवारी हत्याकांड में मंगलवार को आए अदालती फैसले के बाद इस पूरे घटनाक्रम की परतें एक बार फिर खुल गई हैं। हत्या के बाद प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई और अब दोषियों को मिली सजा, जिले में एक मिसाल बन गई है।
23 सितंबर 2023 को हुए इस हत्याकांड ने न केवल सुलतानपुर, बल्कि राजधानी लखनऊ तक हलचल मचा दी थी। जमीन के विवाद से शुरू हुआ यह मामला जघन्य हत्या तक जा पहुंचा, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने इस केस को बेहद हाई-प्रोफाइल बना दिया। घटना के महज दो दिन बाद, 25 सितंबर को प्रशासन ने मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह के नरायनपुर स्थित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। इसके साथ ही सुलतानपुर-वाराणसी हाईवे के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने भाजयुमो कार्यालय को भी ध्वस्त कर दिया गया।
यही नहीं, जिस जमीन को लेकर यह खूनी संघर्ष हुआ था, प्रशासन ने उस पर हस्तक्षेप करते हुए पीड़ित परिवार को कब्जा दिलाया। पुलिस की चार टीमें 50 हजार के इनामी आरोपी अजय नारायण सिंह की तलाश में जुटी थीं। अंततः, घटना के 17 दिन बाद नौ अक्तूबर को आरोपी ने नगर कोतवाली की लक्ष्मणपुर चौकी में आत्मसमर्पण किया था।
दो बिस्वा जमीन के पैसे का विवाद
परिजनों के अनुसार डॉ. घनश्याम तिवारी ने शास्त्रीनगर क्षेत्र स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के पीछे दो बिस्वा जमीन के लिए लगभग 50 लाख रुपये का भुगतान किया था, लेकिन उन्हें जमीन का कब्जा नहीं दिया गया। आरोप है कि बाद में अतिरिक्त रुपयों की मांग को लेकर विवाद और बढ़ गया। इसी रंजिश में मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह ने चिकित्सक को अपने घर बुलाया और अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद हुए थे विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद जिले भर में लगातार शोक सभाएं, विरोध प्रदर्शन और निंदा प्रस्तावों का दौर चलता रहा। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन पर भारी दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप जांच और कार्रवाई की गति और तेज हो गई।
पत्नी बोली-कड़े संघर्षों के बाद मिला न्याय
डॉ. घनश्याम तिवारी की पत्नी निशा तिवारी ने कहा कि मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई, लेकिन कड़े संघर्षों के बाद आज आरोपी सलाखों के पीछे हैं और हमें न्याय मिला है। उनका मानना है कि प्रशासन की शुरुआती कड़ाई और न्यायालय के इस फैसले ने न्याय के प्रति उनके भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।