सुल्तानपुर। पुलिस टीम पर हमले के आरोपी पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत 19 आरोपियों को एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत से 19 साल बाद आए इस फैसले से पूर्व विधायक समेत अन्य आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। कूरेभार थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी जोखूलाल सरोज ने 24 अगस्त 2006 की घटना बताते हुए जुबानी सूचना देकर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया कि थाने के सिपाही यावर अली पर हुए हमले के आरोप से जुड़े मामले में तत्कालीन एसपी अजय कुमार मिश्र के निर्देश पर पुलिस टीम तत्कालीन विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू के घर गई थी। आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू की गिरफ्तारी के लिए जब पुलिस ने दबिश दी तो विरोधियों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडे, पत्थर व अन्य हथियारों से लैस भीड़ ने गाली-गलौज करने के साथ हमलावर होते हुए पथराव शुरू कर दिया था। इस मामले में चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत अन्य कई लोगों के खिलाफ नामजद व अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा इस मामले में करीब दो दर्जन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले का ट्रायल एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा था। ट्रायल के दौरान पांच आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।
वर्तमान में पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत 19 के खिलाफ सुनवाई चल रही थी। शनिवार को स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की कोर्ट ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत 19 आरोपियों को पुख्ता साक्ष्य व गवाही न होने के कारण संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।