लंभुआ (सुल्तानपुर)। उपजिलाधिकारी के तबादले की मांग पर अड़े तहसील के अधिवक्ताओं का धरना बुधवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। आंदोलित अधिवक्ताओं को जिले के तीन तहसीलों के अधिवक्ताओं का समर्थन मिल गया है।
उपजिलाधिकारी/जॉइंट मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला के कार्य व्यहार से क्षुब्ध अधिवक्ता उनके तबादले की मांग कर रहे हैं। नई कमेटी के गठन के 24 घंटे के भीतर तहसील परिसर में ही अधिवक्ताओं ने जॉइंट मजिस्ट्रेट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। बार एसोसिएशन के सचिव राज बहादुर श्रीमाली ने बताया कि जिले के सुल्तानपुर, कादीपुर व जयसिंहपुर के अधिवक्ताओं ने उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
तीनों तहसीलों के अधिवक्ता भी बृहस्पतिवार से उनके आंदोलन में शामिल होंगे। बुधवार को धरना की अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, छोटे लाल शर्मा ने की। इस दौरान अध्यक्ष राम सागर पाठक, केपी सिंह, राजेश प्रताप सिंह, शेर बहादुर सिंह, सुरेंद्र नाथ शुक्ल, चिंतामणि पांडेय, शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, सुरेश प्रताप सिंह, केदार नाथ यादव सहित खासी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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धरना स्थल से हटाए गए अधिवक्ता, गरमाया माहौल
लंभुआ। अधिवक्ता तहसील भवन में धरना दे रहे थे। इसके लिए उन्होंने एक बड़ा बैनर भी तहसील की दीवार पर लगा रखा है। बृहस्पतिवार को प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार राय व प्रभारी तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी सुबह ही धरना स्थल पर पहुंच गए। अधिवक्ताओं को बरामदे में धरना प्रदर्शन से मना कर दिया। इस पर माहौल गरमा गया। हालांकि, कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं के समझाने पर परिसर में टेंट लगाकर धरना देने पर सहमति बनी।
तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ताओं का धरना हटाया नहीं गया है। आग्रह किया गया था कि धरना से कामकाज प्रभावित होता है। लिहाजा, धरना स्थल बदल लें।