अमेठी। जिले के आला अफसर कई जिलों में हो रहे बवाल की आंच से जिले को बचाने की चुनौती से जूझ रहे हैं। जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए न सिर्फ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है बल्कि विपक्षी दलों के बड़े नेताओं व धर्मगुरुओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी को लेकर शुरू हुए बवाल की आंच फिलहाल जिले तक नहीं पहुंच सकी है। जिले में अब तक बनी रहने वाली शांत यथावत रहे इसके लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन कड़ी मशक्कत कर रहा है।
प्रदर्शनकारी कहीं भी प्रदर्शन नहीं कर सकें इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले के संवेदशनशील की श्रेणी में रखे गए जायस व जगदीशुपर के अलावा सभी नगरीय क्षेत्रों व कस्बाें में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।
अधिकारियों के नेतृत्व में फ्लैग मार्च कर लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जा रही है। डीएम अरुण कुमार, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, एडीएम वंदिता श्रीवास्तव व एएसपी दयाराम दलन बल के साथ लगातार भ्रमणशील हैं।
जोन व सेक्टर में विभाजित क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नामित अफसर भी लगातार अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रशासन सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी दलों के बड़े नेताओं, धर्मगुरुओं, समाज सेवियों व धरना प्रदर्शन के अभ्यस्त लोगों पर निगाह रख रहा है।
जिले में किसी भी संभावित प्रदर्शन की पहले से सूचना मिल सके इसके प्रति सतर्क एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने एलआईयू को लगातार सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।
सूत्रों की मानें तो शुक्रवार रात एलआईयू की सक्रियता से तिलोई के एक कॉलेज में जुटे कुछ लोगों को भारी संख्या में पहुंची फोर्स ने हटा दिया था।