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मजदूरों को बंधक बनाए जाने की सूचना पर प्रशासन में मचा हड़कंप

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सुल्तानपुर। रनमूसेपुर में ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाए जाने की सूचना पर शनिवार को जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम के आदेश पर एसडीएम टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। हालांकि जांच में बंधक बनाए जाने की सूचना फर्जी निकली। एसडीएम ने भट्ठे पर मौजूद 41 लोगों को मिनी ट्रक पर बैठाकर उनके घर भेज दिया।
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बल्दीराय तहसील के हलियापुर थाना क्षेत्र में स्थित रनमूसेपुर में एक भट्ठा चल रहा है। एक सप्ताह पहले भट्ठे पर मुरादाबाद जिले के एक ठेकेदार ने 24 मजदूर बदायूं जिले के शोभनपुर से भिजवाए थे।
इसके लिए ठेकेदार ने भट्ठा संचालक जितेंद्र सिंह से 86 हजार रुपये भी अग्रिम ले लिया था। ठेकेदार ने रुपये मजदूरों को नहीं दिए थे। मजदूरों को भट्ठे पर भेजकर ठेकेदार फरार हो गया। इसी बीच किसी ने भट्ठा मालिक की ओर से मजदूरों को बंधक बनाने की सूचना अनुसूचित जाति आयोग को दे दी।
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अनुसूचित जाति आयोग ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। शनिवार को डीएम रवीश गुप्ता के आदेश पर उपजिलाधिकारी बल्दीराय राजेश सिंह ने एक टीम गठित की।
गठित टीम में शामिल तहसीलदार बल्दीराय शैलेंद्र चौधरी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रकाश चंद्र व अलंकृता उपाध्याय मौके पर पहुंचे। भट्ठे पर मौजूद मजदूरों कल्लू, धन सिंह, राजा बाबू, सोल सिंह, सतीश, भूरे, जोगेंद्र, पूरन, किशन, कररू आदि के बयान दर्ज किए।
सभी ने ठेकेदार को ही दोषी ठहराया व अपने घर वापस जाने की इच्छा जताई। अधिकारियों के कहने पर भट्ठा मालिक ने एक मिनी ट्रक मौके पर बुलाया। भट्ठे पर काम कर रही 24 महिला पुरुष मजदूर व 17 बच्चों सहित कुल 41 लोगों को भट्ठा मालिक ने रास्ते का खर्च देकर घर भेज दिया।
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