सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर चिलचिलाती धूप में पसरा सन्नाटा।
सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन सुल्तानपुर ए श्रेणी में आता है, लेकिन यात्री सुविधाएं नदारद हैं। यहां यात्रियों के लिए धूप व बारिश से बचने के लिए शेड तक नहीं हैं। ऐसे में सारे यात्री एक नंबर प्लेटफॉर्म पर जमा रहते हैं और दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने के लिए जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते हैं।
रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 36 ट्रेनें गुजरती हैं। इसमें लखनऊ-वाराणसी रूट पर 26 और अयोध्या-प्रयागराज रूट पर 10 ट्रेनें चलती हैं। करीब तीन से चार हजार यात्री इन ट्रेनों से सफर करते हैं। सबसे ज्यादा ट्रेनों का ठहराव दो और तीन नंबर प्लेटफाॅर्म पर ही होता है। यहां शटल एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, सद्भावना एक्सप्रेस व महाकाल एक्सप्रेस रुकती हैं। लेकिन इस 750 मीटर लंबे प्लेटफाॅर्म पर केवल डेढ़ सौ मीटर में ही शेड बना है। ऐसे में मजबूरन यात्री या तो धूप झेलते हैं, या एक नंबर प्लेटफाॅर्म पर खड़े होते हैं।
चार नंबर प्लेटफाॅर्म के हालात इससे भी खराब हैं। यहां 16-16 मीटर के केवल दो शेड हैं। जहां न ढंग से बैठने का इंतजाम है। यहां से रविवार और मंगलवार को सद्भावना एक्सप्रेस दिल्ली को जाती है। सोमवार और बुधवार को अयोध्या से तुलसी एक्सप्रेस भी मुंबई के लिए रवाना होती है। तुलसी एक्सप्रेस का ठहराव भी यहीं होता है। मुंबई की यात्रा करने वाले यात्री मदन मोहन कहते हैं कि यहां यात्रियों के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। गुप्तार शुक्ला ने बताया कि छाया के लिए शेड तक का इंतजाम नहीं है।
अमृत योजना के तहत बढ़ेंगे शेड
अमृत भारत स्टेशन के तहत प्लेटफाॅर्म नंबर दो, तीन और चार पर यात्री शेड का विस्तार कराया जाएगा। फिलहाल अभी अलग से कोई बजट नहीं है।
- बीएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक।