शहर के सीताकुंड स्थित गोमती नदी में पूर्वज का तर्पण करते लोग। स्रोत-स्वयं
सुल्तानपुर। पितृपक्ष के पहले दिन रविवार को सीताकुंड घाट पर लोगों की भीड़ जुट गई। सुबह से ही गोमती तट पर पहुंचे लोगों ने नदी में स्नान कर पूर्वजों को जल अर्पित किया।
दूर-दराज से आए लोगों ने पुरोहितों के सानिध्य में विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान की रस्में पूरी कीं। घाट पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा। पंडित रामकिशोर त्रिपाठी ने बताया कि पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। इस दौरान प्रतिदिन काला तिल, मिश्रित जल से तर्पण करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ताया कि पितृपक्ष का समापन 10 अक्तूबर को होगा। अंतिम दिन पितरों का विसर्जन कर उन्हें विदाई दी जाएगी। संवाद