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Sultanpur News: किसानों और मिल के अफसरों में नोकझोंक, तीन घंटे तक बवाल

Sat, 07 Feb 2026 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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 किसान सहकारी चीनी मिल परिसर में किसानों से वार्ता करते अ​धिकारी। 
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सुल्तानपुर। हैदरगढ़ चीनी मिल प्रशासन ने तीसरे दिन ही किसानों से किया वादा तोड़ते हुए सभी प्रजातियों का गन्ना शनिवार को खरीदने से इनकार कर दिया। गन्ना प्रजाति को लेकर किसानों और मिल प्रशासन के बीच जमकर नोकझोंक हुई। हालात बेकाबू होते देख सदर एसडीएम और सीओ नगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाकर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। हंगामे के चलते करीब तीन घंटे तक गन्ने की तौल पूरी तरह बंद रही। इस दौरान 10 से अधिक किसान गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर चले गए।
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शनिवार सुबह करीब आठ बजे चीनी मिल परिसर में गन्ने की तौल शुरू हुई। गन्ना लदी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तौल के बाद अलहदादपुर निवासी किसान नकुल सिंह के गन्ने की बारी आई। आरोप है कि मिल कर्मचारियों ने उनके गन्ने को अनुपयुक्त प्रजाति बताकर कम दर पर तौलने की कोशिश की। इसी बात को लेकर किसान और कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हंगामे में बदल गई। दर्जनों किसान चीनी मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब एक घंटे बाद एसडीएम विपिन द्विवेदी, सीओ सिटी सौरभ सामंत, जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव, चीनी मिल की महाप्रबंधक अंजलि गंगवार, मुख्य गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश शुक्ल, हैदरगढ़ गन्ना महाप्रबंधक धर्मेश मल्होत्रा और रीजनल हेड एसएन पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बावजूद किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। हैदरगढ़ चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि अर्ली प्रजाति के गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल, सामान्य प्रजाति का रेट 390 रुपये प्रति क्विंटल और अनुपयुक्त प्रजाति का दाम 355 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही खरीद की जाएगी। इस दौरान किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। इसके बावजूद मिल प्रशासन गन्ने की प्रजाति के अनुसार ही भाव देने पर अड़ा रहा। अधिकारियों के सामने किसान खुद को बेबस बताते नजर आए।
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किसानों ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप

प्रतापपुर गांव निवासी किसान अनुराग सिंह ने आरोप लगाया कि चीनी मिल प्रशासन किसानों का शोषण कर रहा है और वे 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही गन्ना बेचने की मांग पर अड़े हैं। वहीं, महमूद गांव निवासी अनीश सिंह ने कहा कि मिल प्रशासन अपना वादा नहीं निभा रहा है, जो किसानों के साथ सरासर धोखा है। कसमऊ गांव निवासी बालमुकुंद तिवारी ने बताया कि तीन दिन पहले हुई वार्ता में सभी प्रजातियों का गन्ना 400 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

डीसीओ और गन्ना महाप्रबंधक हुए आमने-सामने
किसान सहकारी चीनी मिल के गन्ना यार्ड में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की तौल के दौरान जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव और हैदरगढ़ गन्ना महाप्रबंधक धर्मेश मल्होत्रा के बीच 9709 गन्ना प्रजाति को लेकर तीखी बहस हो गई। गन्ना महाप्रबंधक ने ट्रॉली में लदे गन्ने को अनुपयुक्त प्रजाति में तौलने का निर्देश दिया, जबकि जिला गन्ना अधिकारी ने उसे अर्ली प्रजाति का गन्ना बताया। चीनी मिल की महाप्रबंधक अंजलि गंगवार के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, जिसके बाद गन्ने की तौल अर्ली प्रजाति में कराई गई। वहीं, बकाया वेतन व पीएफ को लेकर कार्य बहिष्कार पर गए चीनी मिल कर्मी जीएम के आश्वासन पर काम करना शुरू कर दिया है।

कांटे पर शुरू कराई गई तौल
किसान सहकारी चीनी मिल की महाप्रबंधक अंजलि गंगवार ने बताया कि गन्ना प्रजाति को लेकर कहासुनी हुई थी। मामले को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है। कांटे पर तौल शुरू करा दी गई।
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