सुल्तानपुर। जिले में इस बार बुखार का स्वरूप बदला नजर आ रहा है। मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। कई मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने की शिकायतें आ रही हैं। खास बात यह है कि जहां पहले सामान्य बुखार तीन से पांच दिन में ठीक हो जाता था, वहीं अब मरीजों को स्वस्थ होने में सात से दस दिन तक लग रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में एक सप्ताह से रोजाना 1500 से 1800 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या बुखार से पीड़ित मरीजों की है।
डेंगू की आशंका को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 450 मरीजों की जांच कराई जा रही है। फिजिशियन एवं सीएमएस डॉ. अविनाश चंद्र गुप्ता के अनुसार बुखार के साथ सूखी खांसी और गले में तेज दर्द की शिकायत सामने आ रही है। मरीजों को आवश्यक दवाओं के साथ पर्याप्त गर्म पानी पीने और गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने की सलाह दी जा रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम करन ने बताया कि बच्चों में जुकाम के साथ बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों को घरेलू नुस्खों और झोलाछापों के भरोसे इलाज न कराने की सलाह दी है।
इलाज डेंगू का, जांच में निकला सामान्य बुखार
प्रतापगंज के अनिल कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जांच रिपोर्ट में उन्हें सामान्य बुखार होने की जानकारी मिली है,हालांकि अभी तक चिकित्सक डेंगू मानकर इलाज कर रहे थे। बदलापुर से आईं सुष्मिता रावत ने बताया कि उनकी प्लेटलेट्स पिछले तीन दिनों में गिरकर 85 हजार आ गई तो चिकित्सक ने डेंगू होने की आशंका जताई,फिलहाल जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं होने से राहत मिली है।
बुखार में इन बातों का रखें ध्यान
पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें।
पानी, नारियल पानी, ओआरएस और सूप लेते रहें।
मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया और हल्का भोजन करें।
एंटीबायोटिक का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के न करें।