सुल्तानपुर। प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी लैपटॉप वितरण योजना में पहले चरण (2012) के छूटे अभ्यर्थियों को भी लैपटॉप मिलने की उम्मीद है। शासन ने प्रदेश के समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को आदेश जारी कर छूटे हुए अभ्यर्थियों की सूची मांगी है। इस बार छात्र-छात्राओं की संख्या की जगह उनका नाम भी मांगा गया है। हालांकि, चुनाव अधिसूचना के दौरान शासनादेश जारी होना शासन की मंशा पर सवाल खड़ा कर रहा है। विभाग भी सारी सूचनाएं गोपनीय ढंग से इकट्ठा कर रहा है।
प्रदेश में समाजवादी सरकार आते ही चुनावी घोषणापत्र के तहत इंटरमीडिएट पास विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण करने की योजना शुरू हुई। योजना के तहत जिले में 40 हजार 25 विद्यार्थी पात्र पाए गए। इन छात्र-छात्राओं के नाम से शासन ने लैपटॉप भेज दिया था। तहसीलवार समारोह आयोजित कर लैपटॉप वितरण कराया गया। शासन से आए लैपटॉप को कई चरणों में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को बुलाकर बंटवाया गया। बावजूद इसके अभी तक 39 हजार 95 लैपटॉप ही वितरित हो सके हैं। 930 विद्यार्थियों के लैपटॉप अब भी प्रशासन के पास पड़े हैं। इन लैपटॉप को बंटवाने की जगह शासन ने उसी सत्र (2012 में स्नातक में प्रवेश लेने वाले) के छूटे हुए विद्यार्थियों की सूचना मांगी है। अभी तक योजना की सारी कवायद व्यापक प्रचार-प्रसार कर किया जाता था। आदेश मिलने के बाद महकमा सूचनाएं गोपनीय तरीके से इकट्ठा कर रहा है।