सुल्तानपुर। जिले की मध्याह्न भोजन योजना बेपटरी हो गई है। एक साथ 242 विद्यालयों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। अक्तूबर माह से शासन से कन्वर्जन कॉस्ट की धनराशि नहीं आने से यह स्थिति बनी है। गुरुवार को समीक्षा बैठक में एमडीएम के राशन वितरण में लापरवाही उजागर होने पर जिलाधिकारी ने सभी विकास खंडों के आठ एसएमआई (सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टरों) का वेतन रोक दिया। साथ ही एक ग्राम प्रधान का अधिकार भी सीज करने का आदेश दिया।
जिले के परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालय व मदरसों को मिलाकर कुल 2,262 स्कूलों में एमडीएम संचालित है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट में मिड-डे मील को लेकर डीएम के. धनलक्ष्मी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में डीएम के तेवर सख्त थे। बैठक में मौजूद खंड शिक्षाधिकारियों ने डीएम को बताया कि विद्यालयों का राशन समय से कोटेदारों को देने में एसएमआई की ओर से विलंब किया जा रहा है। प्रधान व हेडमास्टर के सहयोग से किसी तरह स्कूलों में भोजन बनवाया जा रहा है। बावजूद इसके कन्वर्जन कॉस्ट के अभाव में चूल्हे ठंडे पड़ते जा रहे हैं। गुरुवार तक 242 स्कूलों में एमडीएम बंद हो गया है। अक्तूबर व नवंबर माह का राशन पांच से सात दिसंबर को कोटेदारों को आवंटित किया गया है। इसके चलते एमडीएम संचालन में प्रधानाध्यापक व प्रधानों के सामने समस्या आ रही है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सीडीओ को सभी आठ एसएमआई का वेतन रोकने का आदेश दिया। बल्दीराय ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर शिवपुर के एमडीएम संचालन में चेक पर ग्राम प्रधान की ओर से हस्ताक्षर नहीं करने की शिकायत को डीएम ने गंभीरता लिया। डीएम ने डीपीआरओ को आदेशित करते हुए ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने को कहा। पीपी कमैचा के प्राथमिक विद्यालय मल्हीपुर में हैंडपंप लगाने के लिए एक्सईएन जल निगम को आदेशित किया गया। कन्वर्जन कॉस्ट के मुद्दे पर डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान व हेडमास्टर के सहयोग से एमडीएम व्यवस्था संचालित कराई जाए। शासन से लगातार वार्ता चल रही है। जल्द ही कन्वर्जन कॉस्ट की नराशि आ जाएगी। डीसी एमडीएम संदीप यादव ने बताया कि बैठक में टास्क फोर्स के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को डीएम की ओर से आदेशित किया गया कि वे सप्ताह में पांच-पांच विद्यालयों का निरीक्षण अवश्य करें। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ प्रभारी बीएसए ओंकार सिंह समेत सभी खंड शिक्षाधिकारी मौजूद रहे।