अमेठी। जिले की स्थापना के साथ मुख्यालय स्थित शहर की लगातार बढ़ रही आबादी को निर्बाध बिजली आपूर्ति मुहैया कराने के लिए शासन ने करीब पांच करोड़ की लागत से नया विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। निर्णय को अमली जामा पहनाने के लिए शासन की ओर से पावर कॉर्पोरेशन को धन भी मुहैया कराया जा चुका है।
तकरीबन साढ़े तीन वर्ष पूर्व जिले का पुनर्गठन होने के साथ ही मुख्यालय स्थित शहर की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्यालय होने के कारण तकरीबन सभी सरकारी कार्यालय भी यहां स्थापित हो चुके हैं। इतना सब होने के बावजूद अभी यहां की आपूर्ति रायबरेली-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिसरौली गांव के पास स्थित उपकेंद्र से होती थी। चूंकि यहां से कई और गांव जुड़े हैं इसलिए अक्सर सप्लाई में बाधा आती थी। शहर वासियों को होने वाली परेशानी से निजात दिलाने के लिए शासन ने पांच करोड़ की लागत से नया उपकेंद्र बनाने का निर्णय लिया है। निर्णय को अमली जामा पहनाया जा सके इसके लिए शासन की ओर से पावर कॉर्पोरेशन को धन मुहैया कराने के साथ ही जल्द उपकेंद्र स्थापित करने का आदेश दिया गया है। इस उपकेंद्र की क्षमता पांच एमवीए होगी।