सुल्तानपुर। शासन की रोक के बाद भी कुड़वार क्षेत्र पंचायत में करीब 200 सोलर लाइटें लगवा दी गईं। कागजी खानापूरी करके खंड विकास अधिकारी ने इसे बाजार से मनमानी दरों पर मानक विहीन सोलर लाइटों को खरीदवा लिया। राज्य वित्त से करीब 50 लाख रुपये की खरीद में 30 लाख रुपये हजम कर लिए गए। कमीशन के लिए ही शासन से स्वीकृत संस्था नेडा को भी नजरअंदाज कर दिया गया।
शासन की रोक के बाद भी जिले में क्षेत्र पंचायतों से सोलर लाइटें लगवाए जाने का धंधा थम नहीं रहा है। सोलर लाइटें लगाने के लिए शासन से अधिकृत संस्था नेडा को नजरअंदाज करके क्षेत्र पंचायतें मनमानी दरों पर बाजारों से घटिया सोलर लाइटें खरीद रही हैं। प्रकरण में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप नहीं करने से जिला पंचायतराज अधिकारी को इस संबंध में क्षेत्र पंचायतों को भेजा गया निर्देश भी बेअसर हो गया है। ताजा प्रकरण कुड़वार क्षेत्र पंचायत का सामने आया है। कुड़वार क्षेत्र पंचायत में खंड विकास अधिकारी एवं ब्लॉक प्रमुख ने मिलकर बाजार से करीब 200 सोलर लाइटें खरीदवा लीं। खरीदी गईं सोलर लाइटें मानकविहीन बताई जा रही हैं। इसके बावजूद नेडा की स्वीकृत दर से अधिक भुगतान किया गया है। सूत्रों की मानें तो एक सोलर लाइट का संबंधित आपूर्तिकर्ता को करीब 25 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। इस तरह 200 सोलर लाइटों के लिए राज्य वित्त से 50 लाख रुपये खारिज किया गया है। लगवाई गईं सोलर लाइटों की बैटरी 40 वॉट, पैनल 40 वॉट व सीएफएल रहित बताई जा रही हैं। इसमें सीएफएल की जगह लीड लगी है। इतने बड़े पैमाने पर खरीद के लिए क्षेत्र पंचायत में खुला टेंडर भी आमंत्रित नहीं किया गया। गोपनीय ढंग से खानापूरी करते हुए लाखों के खेल को अंजाम दे दिया गया। बताया जा रहा है कि सोलर लाइटों की खरीद में भारी कमीशनबाजी हुई है। 10 हजार रुपये की सोलर लाइट का 25 हजार रुपये भुगतान किया गया है। इस तरीके से करीब 30 लाख रुपये डकारे गए। खंड विकास अधिकारी ओपी यादव ने स्वीकार किया कि बाजार से खरीद कर सोलर लाइटें लगवाई गईं। शासन की रोक है लेकिन दाम लगभग वही है। उन्होंने सोलर लाइटों की संख्या थोड़ी
कम बताई।