गौरीगंज। विभागीय हीलाहवाली के बावजूद दुष्कर्म के आरोपी सीओ की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आरोपों को झूठा साबित करने के लिए निकलवाई गई कॉल डिटेल उल्टे सीओ के लिए ही मुसीबत बन गई। आशिकमिजाज अफसर दिन में कई बार पीड़िता से बातें करता था।
मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र की एक किशोरी ने बीते दो दिसंबर को अपने सर्किल सीओ विपुल कुमार श्रीवास्तव पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। तहरीर मिलने के बाद से ही मामले को दबाने में जुटी पुलिस को उच्चाधिकारियों के दबाव में आखिरकार उसी दिन प्राथमिकी दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल कराना पड़ा था। मेडिकल जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने के बावजूद पूरा पुलिस अमला विभागीय सीओ पर लगे दुष्कर्म के आरोप को झूठा साबित करने की कोशिश में जुटा है। हालांकि पूरे मामले को झुठलाने के लिए निकलवाई गई सीओ और किशोरी के मोबाइल की कॉल डिटेल ने सीओ के साथ ही विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जांच से जुड़े पहलुओं पर तकरीबन चुप्पी साधने वाले एएसपी मुन्नालाल ने कॉल डिटेल में दोनों के बीच बातचीत होने की पुष्टि की है।