अमेठी। किशोरी के परिवारीजनों की मानें तो दुष्कर्म के आरोपी सीओ की हरकतें सिरफिरे आशिक जैसी थीं। वह लड़की से मिलने के लिए टी-शर्ट पहन बाइक से अकेले उसके गांव चला जाता था। इस दौरान अपना चेहरा छिपाने के लिए सीओ अपने मुंह पर गमछा लपेटे रहता था। मंगलवार को किशोरी की आयु निर्धारण परीक्षण कराने के दौरान संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचे पीड़िता के पिता ने सीओ की करतूत बयां कीं। बताया कि सीओ के मन में उनकी बेटी को लेकर क्या था वे नहीं जानते लेकिन उसकी हरकतें सिरफिरे आशिक जैसी थीं। लड़की की एक झलक पाने के लिए सीओ अक्सर टी-शर्ट या सिविल ड्रेस में उसके गांव पहुंच जाता था। इस बात को कोई और न जान ले इसके लिए वह सरकारी वाहन के बजाए बाइक का इस्तेमाल करता था। क्षेत्र के लोग पहचान न पाएं इसके लिए सीओ मुंह पर गमछा लपेटकर रखता था। लड़की के घर से सटी गली में पहुंचने के बाद सीओ उसे फोन कर छत पर बुलाता था। इस दौरान लड़की उनसे लगातार वापस लौट जाने और आइंदा न आने को कहती थी लेकिन सीओ उसे देखे बिना वापस जाने को तैयार नहीं होता था। पीड़िता के पिता की बातों पर यकीन करें तो सीओ मामले को रफा-दफा करने के लिए उसे दो लाख रुपये देने की बात कह रहा था। इस ऑफर के साथ उन्होंने उस सिपाही को उनके पास भेजा था जिसे सोमवार रात लाइन हाजिर कर दिया गया।