सुल्तानपुर। पॉलीटेक्निक की पढ़ाई के लिए अब स्टूडेंट्स को जिले में भी मौका मिलेगा। शासन ने जिले को पहले राजकीय पॉलीटेक्निक का तोहफा दिया है। चार करोड़ 17 लाख 42 हजार रुपये से बनने वाले पॉलीटेक्निक के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। जिला प्रशासन पॉलीटेक्निक की स्थापना के लिए जमीन की तलाश मेें जुटा है। जमीन उपलब्ध होते ही कार्यदायी संस्था नामित कर पॉलीटेक्निक का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
पूर्व में जिले में राजकीय महिला पॉलीटेक्निक अमेठी, राजीव गांधी पॉलीटेक्निक मुसाफिरखाना और संजय गांधी पॉलीटेक्निक जगदीशपुर शामिल थे। इसमें राजीव गांधी पॉलीटेक्निक मुसाफिरखाना प्राइवेट है जबकि शेष दोनों सरकारी हैं। जिले के विभाजन के बाद तीनों पॉलीटेक्निक अमेठी में चले गए। इसके बाद से जिले के छात्र-छात्राओं को पॉलीटेक्निक की पढ़ाई के लिए दूसरे जनपदों में जाना पड़ रहा है। अमेठी जिले के अस्तित्व में आने के बाद सुल्तानपुर में पॉलीटेक्निक की स्थापना की मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए शासन ने जिले को राजकीय पॉलीटेक्निक का तोहफा दिया है। निदेशक प्राविधिक शिक्षा ने नवीन राजकीय पॉलीटेक्निक के लिए आदेश जारी करते हुए जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। पॉलीटेक्निक के लिए चार करोड़ 17 लाख 42 हजार रुपये की लागत तय की गई है। जमीन उपलब्ध होते ही जिला प्रशासन को कार्यदायी संस्था नामित कर शासन को अवगत कराना होगा। इसके बाद तय लागत की 75 प्रतिशत धनराशि कार्यदायी संस्था को आवंटित कर पॉलीटेक्निक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कार्यदायी संस्था नामित होने के बाद एक साल में पॉलीटेक्निक का निर्माण कार्य पूरा करने का आदेश है। शासनादेश मिलते ही जिला प्रशासन ने पॉलीटेक्निक के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। ऐसे स्थान की खोज की जा रही है जो राजमार्ग के किनारे हो और शहर के आठ किमी. की परिधि में हो। यदि यहां पर्याप्त भूमि नहीं मिलती है तो तहसील मुख्यालयों के नजदीक जमीन तलाश की जाएगी।