262 लेखपालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
गौरीगंज। जिले की चार तहसीलों में तैनात सभी 262 लेखपालों पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। शासन की ओर से छह माह का प्रतिबंध लगाने के बावजूद हड़ताल कर रहे लेखपालों के खिलाफ मंगलवार को अंतिम नोटिस जारी कर जिला प्रशासन ने उन्हें काम पर लौटने का आदेश दिया है। जिला प्रशासन ने आदेश नहीं मानने की स्थिति में पहले संघ पदाधिकारी व इसके बाद अन्य लेखपालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
लेखपाल अपनी मांगों को लेकर पिछले 28 जून से कार्य बहिष्कार पर हैं। इसी बीच प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर तीन से सात जुलाई तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के बाद लेखपाल सोमवार से जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल से लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए शासन ने पिछले तीन जुलाई को ही इनकी हड़ताल को छह माह के लिए प्रतिबंधित करने के बाद सभी जिलाधिकारियों को हड़ताल की स्थिति में लेखपालों के निलंबन व उनका वेतन रोकने का आदेश दिया था।
बावजूद इसके जिले की सभी तहसीलों के लेखपाल लगातार कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। शासन प्रशासन की ओर से लगातार जारी आदेश की अवहेलना से नाराज जिला प्रशासन ने मंगलवार को अंतिम नोटिस जारी की। एडीएम ईश्वरचंद्र की ओर से जारी नोटिस में लेखपालों से तत्काल काम पर वापस आने को कहा गया है।
नहीं झुकेंगे लेखपाल
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि उनका संगठन शासन के आदेश व जिला प्रशासन की नोटिस से डरने वाला नहीं है। मांग पूरी होने तक लेखपालों का कार्य बहिष्कार खत्म नहीं होगा। शासन-प्रशासन कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।