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करवा चौथ को लेकर बढ़ी बाजारों की रौनक

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सुल्तानपुर। सुहागिनों के त्योहार करवा चौथ की तैयारियों को लेकर शनिवार को बाजारों में रौनक रही। सुहागिनें 16 शृंगार करके करवा चौथ का पूजन-अर्चन करेंगी। दिन भर चौक इलाके की सुहाग सामग्रियाें समेत विभिन्न दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। नव विवाहिताओं ने ब्यूटी पार्लरों में मेंहदी रचवाई। रंग-बिरंगा करवा, सींक आदि के ठेलों पर महिलाएं व उनके परिवारीजन खरीदारी करते दिखे। महंगाई के बावजूद महिलाओं ने इस त्योहार पर जमकर खरीदारी की।
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पति की लंबी उम्र व सुहाग की रक्षा के लिए सुहागिन महिलाएं रविवार को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। दिन भर निर्जला व्रत रहने के बाद देर शाम सुहाग के जोड़े में सज-संवरकर महिलाएं चंद्रमा व गणेशजी की पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद करवा के जरिए पति अपनी पत्नियों को पानी पिलाकर उनका व्रत तोड़ते हैं। करवा चौथ के एक दिन पूर्व शनिवार को दिन भर बाजार में चहल-पहल रही। सुहाग के सामानों की दुकानों पर महिलाएं जमा रहीं। चौक इलाके में मिट्टी का रंग-बिरंगा व सादा करवा व सींक की दर्जनों ठेले लगे थे। यहां पर महिलाएं व उनके परिवारीजन खरीदारी करते दिखे। देर शाम तक बाजार में करवा चौथ की तैयारियों के खरीदारों की भीड़ रही। बीते वर्ष की अपेक्षा हर सामान पर 20-25 फीसदी की महंगाई का असर रहा। बावजूद इसके इस त्योहार पर महिलाओं ने जमकर खरीदारी की।

50 साल के दांपत्य जीवन में समझा करवा चौथ का मर्म
करवा चौथ की गोल्डेन जुबिली मना रहे बुजुर्ग जोड़ों से बातचीत
सुल्तानपुर। करवा चौथ का व्रत न केवल पति-पत्नी के रिश्ते की डोर को मजबूती प्रदान करता है बल्कि भरोसा भी बढ़ाता है। रविवार को करवा चौथ है। करवा चौथ की पूर्व संध्या पर अमर उजाला ने ऐसे बुजुर्ग दंपतियों से बात की जिनका यह 50 वां व्रत है।
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संबल प्रदान करता विवाह
केएनआई के पूर्व प्राचार्य यशवंत सिंह अपनी पत्नी सुशीला सिंह के साथ सुखपूर्वक दांपत्य जीवन जी रहे हैं। वे बताते हैं कि वैवाहिक जीवन की 50 से थोड़ी अधिक यात्रा की निरंतरता इसके धर्म एवं मर्म को समझने के लिए पर्याप्त से अधिक है। यह यात्रा जीवन के विभिन्न रोमांचक, रुचिकर, अरुचिकर, सहमति एवं असहमति के पड़ाव से गुजरती हुई अंतत: इस नतीजे की कायल हो जाती है कि विवाह संबंधों की पुनीत अनुभूतियों पर आधारित एक-दूसरे को सहज मानवीय चेतना से जोड़े रखने का संबल है।

बड़ी से बड़ी समस्याओं को आपस में सुलझाया
अलीगंज के ऊंचगांव निवासी चंद्रिका प्रसाद का विवाह वर्ष 1967 में पुष्पा श्रीवास्तव से हुआ था। चंद्रिका प्रसाद कहते हैं शादी के बाद से उनके दांपत्य जीवन में कई बार उतार-चढ़ाव आए। इन सबसे भयभीत हुए बिना हम पति-पत्नी ने आपस में विचार विमर्श कर बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल निकाल लिया। आज भी हम दोनों सुखपूर्वक जीवन बिता रहे हैं।

खाली समय में लिखता किताब
गनपत सहाय पीजी कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रो. डॉ. दुर्गादत्त पांडेय की शादी 1967 में सरोज के साथ हुई। उन्होंने बताया कि करवा चौथ व्रत को लेकर काफी उत्साहित रहता हूं। कहा कि शादी के बाद से उनका दांपत्य जीवन सही ढंग से निभ रहा है। इसका मुख्य कारण है कि नौकरी के बाद से ही घर-गृहस्थी की सारी जिम्मेदारी पत्नी सरोज को दे दी। अब तो खाली समय में सिर्फ लिखने का काम करता हूं।

करवा चौथ पर पत्नी को दूंगा उपहार
कादीपुर तहसील क्षेत्र के देवराजपुर गांव निवासी काशीराम उपाध्याय का भी विवाह 1967 में दुर्गावती के साथ हुआ था। काशीराम ने बताया कि उनकी पत्नी दुर्गावती शादी के पांच साल बीतने के बाद से करवा चौथ का व्रत रख रही है। उनको हर बार करवा चौथ पर कोई न कोई उपहार जरूर देता हूं। इस बार भी रविवार को करवा चौथ पर कोई अच्छा सा गिफ्ट भेंट करुंगा।

रिश्ते की डोर मजबूत करता व्रत
शहर के सिविल लाइन निवासी शैलेंद्र शुक्ल का विवाह 1969 में अनीता से हुआ था। तबसे अनीता करवा चौथ का व्रत रखती आ रही हैं। शैलेंद्र शुक्ल ने बताया कि यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते की डोर मजबूत करता है। पति-पत्नी जीवन की गाड़ी के दो पहिए हैं। दोनों पहिए दुरुस्त हों तो मंजिल आसान हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बार भी वे करवा चौथ के व्रत को लेकर उत्साहित हैं।


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मार्केट में कॉस्मेटिक सामानों की बढ़ी बिक्री
करवा चौथ के लिए मार्केट में विभिन्न प्रकार के कॉस्मेटिक सामानों ने भी धूम मचा रखी है। शहर के बाटा गली में स्थित फैशन ग्लोबस के दुकानदार निकेत प्रताप की मानें तो इस समय बाजार में महिलाओं की ओर से हरी, लाल, पीली कांच, कुंदन वर्क व थ्रैड वर्क की चूड़ियों को खास तवज्जो दी जा रही है। इसके अलावा नई वैरायटियों में इस बार स्पेशल तौर से मुंबई से लाई गई रंग-बिरंगी चूड़ियां महिलाओं को खूब लुभा रही हैं। कॉस्मेटिक सामान में नेल पॉलिश, लिपिस्टक, काजल, सिंदूर, रंग-बिरंगी ज्यूलरी, मोतियों से जड़ित गड़बी, चांद को अर्ध्य देने के लिए स्टाइलिश छलनी, थाली व ब्राइडल पर्स महिलाओं की पहली पसंद बनी है।
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