दरोगा समेत दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट
गवाही देने नहीं आने पर कोर्ट ने दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। आरक्षण लागू होने के विरोध में कुड़वार डाकघर में छात्रों की ओर से की गई तोड़फोड़ मामले में एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने गवाही देने नहीं आने पर विवेचक समेत दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। मामला कुड़वार थाने से जुड़ा है।
बीपी इंटर कॉलेज कुड़वार के छात्रों ने 19 नवंबर 1992 को आरक्षण लागू किए जाने के विरोध में कुड़वार डाकघर में तोड़फोड़ की थी। सूचना पर पहुंचे कुड़वार के तत्कालीन एसओ विष्णुदत्त शुक्ल समेत अन्य पुलिस कर्मियों को भी छात्रों ने मारपीट कर चोटें पहुंचाई थी। एसओ की तहरीर पर 22 नामजद छात्रों के खिलाफ जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। एसआई नंदलाल सिंह ने विवेचना पूरी कर 15 छात्रों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सिपाही रामसंवारे चौधरी व कुड़वार के पूर्व प्रधान नित्यानंद तिवारी की गवाही हो चुकी है। कोर्ट ने अन्य अभियोजन साक्षियों को गवाही के लिए तलब किया था लेकिन कई पेशी से कोई भी गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने विवेचक एसआई नंदलाल सिंह व एफआईआर लेखक व कांस्टेबल रामचंद्र आर्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। मामले में अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।