सुल्तानपुर। दुर्गापूजा महोत्सव देखने के लिए शहर से सटे जिले के लोग भी आ रहे हैं। दर्शकों को दुर्गामाता की प्रतिमाएं और शहर की सजावट खूब भा रही है। प्रतिमाओं की सजावट और पंडाल निर्माण के लिए अन्य राज्यों से कारीगर बुलाए गए थे। सड़क के किनारे लगीं लड़ियों और झालरों से शहर की खूबसूरती को चार चांद लग गया है।
शहर की गल्ला मंडी स्थित अन्नपूर्णा माता पूजा समिति के युवा अध्यक्ष प्राशु जायसवाल ने बताया कि समिति की स्थापना 1973 में हुई थी। बिहार के गया जिले के मीनाक्षी मंदिर की थीम पर पंडाल बनाया गया है। पंडाल की ऊंचाई करीब 90 फीट है। इसके निर्माण के लिए कोलकाता और झारखंड के कारीगरों को बुलाया था। कारीगरों ने डेढ़ महीने में शहर का सबसे ऊंचा पंडाल बनाया है।
मूर्तिकार आरके पाल ने बताया कि बांस, पुआल, सुतली और मिट्टी के इस्तेमाल से प्रतिमाओं को बनाया है। आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए लाइट लगाई गई है। पंडाल के आधार को बनाने में करीब 200 बांस और बल्ली का इस्तेमाल किया गया है। पंडाल के मुख्य द्वार पर श्री गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई है।
विवेक नगर में मां शेरावाली पूजा समिति के अध्यक्ष गौरव सिंह ने बताया कि समिति वर्ष 1996 से लगातार प्रतिमा की स्थापना कर रही है। इस बार केदारनाथ की थीम पर पंडाल को बनाने का प्रयास किया गया है। शाम के समय भव्य आरती का आयोजन किया जाता है। करीब 700 लोग इस आरती में सम्मिलित होते हैं।
जय मां शेरावाली माता पूजा समिति के अध्यक्ष संदीप तिवारी ने बताया कि 40 फीट ऊंचा पंडाल तैयार बनाया गया है। पंडाल के निर्माण में फाइबर का इस्तेमाल किया गया है। शाम के समय आरती और भंडारे का आयोजन किया जाता है।