अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज (एआईपीएस) में फर्जीवाड़े की जांच करने मंगलवार को सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह और डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी पहुंचे। इसी फर्जी संस्थान में दोनों अधिकारियों के सामने 80 विद्यार्थियों ने शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। दोनों अधिकारियों ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
दोनों अधिकारियों को एएनएम छात्रा सुमन ने बताया कि उन्होंने बेहतर भविष्य के लिए एआईपीएस में दाखिला लिया था, लेकिन उनके साथ ठगी की गई। एएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रा कोमल ने बताया कि फीस जमा करने के बावजूद उनका एडमिशन नहीं कराया गया। प्रिंशी ने कहा कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई करके ही छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। छात्रा मुस्कान सरोज अफसरों के सामने आते ही रो पड़ीं। बताया कि उसने पहले ही एआईपीएस में पूरी फीस जमा कर दी थी, लेकिन जौनपुर कॉलेज की ओर से बार-बार पैसे की मांग की जा रही है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोबारा भुगतान करना संभव नहीं है।
छात्राओं ने पुलिस और प्रशासनिक जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि 16 दिन बीत चुके हैं। फर्जीवाड़ा करने वाले छह आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। उनकी फीस दोबारा कौन जमा करेगा, इस पर भी कोई सक्षम अधिकारी जवाब नहीं दे रहा है। फर्जीवाड़ा करने वालों को जेल भेजा जाए, तभी हमें न्याय मिलेगा।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह और डीआईओएस राजेश द्विवेदी ने कहा कि सभी शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। छात्रों को न्याय दिलाना प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं के बयान और जांच में यह सामने आया कि एआईपीएस ने बिना मान्यता एएनएम और जीएनएम कोर्स संचालित किए और दाखिले के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए।