बैंक की ओर से शनिवार को सीनियर सिटीजन खाताधारकों को कैश बदलने की सुविधा दिए जाने का दावा खोखला रहा। करेंसी चेस्ट नहीं पहुंचने से जिले की अधिकतर बैंक शाखाओं में भुगतान और नोट बदलने का कार्य ठप रहा।
करीब 80 बैंक शाखाओं पर कैश का संकट छाया रहा। दिनभर बैंक अधिकारी करेंसी चेस्ट आने का इंतजार करते रहे। सीनियर सिटीजन ने शाखाओं पर पहुंचने के बाद भुगतान नहीं मिलने और करेंसी चेंज नहीं होने की अव्यवस्था पर रोष जाहिर किया।
शनिवार को बैंक शाखाओं पर इंडियन बैंक एसोसिएशन की घोषणा का असर नहीं दिखा। सीनियर सिटीजनों को कैश बदलने की सुविधा दिए जाने का दावा हवा-हवाई रहा।
वरिष्ठ नागरिक श्रेणी में शामिल खाताधारक बैंक तो गए, लेकिन कैश नहीं होने से उन्हें निराशा हासिल हुई। जनपद में 196 बैंकों में से करीब 80 शाखाओं पर शनिवार को भी कैश लोड नहीं हो सका। भीड़ अधिक होने से बुजुर्ग बीमार लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
शहर के सीताकुंड निवासी बुजुर्ग खाताधारक रमेश चंद्र श्रीवास्तव शनिवार को इलाहाबाद बैंक की शाखा में कैश बदलवाने पहुंचे। वहां भीड़ देखने के बाद उनके पसीने छूट गए। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों के लिए किसी प्रकार की राहत नहीं है।
लंभुआ निवासी सीनियर सिटीजन दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि बैंकों में बुजुर्ग व्यक्तिओं के लिए किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है। उनकी तबीयत काफी खराब है। मधुमेह रोग से वे पीड़ित हैं। इस वजह से वे अपने स्थान पर दूसरे को खड़ा करवाकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
सीनियर सिटीजन श्रेणी की खाताधारक अमिलिया गांव की रहने वाली राम दुलारी को चलने-फिरने में समस्या है। ऐसे में उन्होंने धन निकासी के लिए बैंक शाखा तक पहुंचने के लिए घर के बच्चों से मदद मांगी। बैंक शाखा पहुंचने के बाद काफी भीड़ रही, इससे कतार से दूर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं।