आरबीआई की ओर से बैंक शाखाओं को करेंसी चेस्ट न मिलने से भुगतान के लिए समस्या खड़ी हो गई है। जिले की अधिकतर बैंक शाखाओं में पिछले कुछ दिनों से खाताधारकों को बड़ा भुगतान करने से बैंक के अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
शनिवार को जिले के 116 एटीएम में 70 खाली रहे। बैंक अधिकारियों की मानें तो आरबीआई मुख्यालय से करेंसी चेस्ट बैंक ब्रांचों की जरूरत के मुताबिक नहीं दिया जा रहा है। दो-तीन दिन के अंतराल पर भी करेंसी चेस्ट नहीं मिलने से बैंक अधिकारी चालू खाताधारकों व सहयोगी शाखाओं से करेंसी लेकर किसी तरह से काम चला रहे हैं।
शुक्रवार को जिले की 196 बैंक शाखाओं में करीब 100 शाखाओं में खाताधारकों को सीमित भुगतान देकर काम चलाया गया। बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंसियों को भी कैश नहीं मिल रहा है। इस वजह से एटीएम कैशलेस चल रहे हैं।
शनिवार को शहर के बस स्टेशन स्थित इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, एसबीआई समेत अन्य कई एटीएम कैशलेस रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में कूरेभार, हलियापुर, बल्दीराय, मोतिगरपुर, बरौंसा, कादीपुर, अखंडनगर, लंभुआ समेत कई स्थानों के एटीएम पर कैश नहीं मिल सका।
करीब तीन माह पूर्व आरबीआई ने 15 दिनों के लिए बैंक शाखाओं को करेंसी चेस्ट देने से हाथ खड़ा कर दिया था। ऐसे में बैंक शाखाओं व एटीएम पर नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए थे। पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर बैंक शाखाओं को करेंसी चेस्ट आपूर्ति के मुताबिक नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में बैंक अधिकारियों के समक्ष खाताधारकों को भुगतान देने में समस्या खड़ी हो गई है। बैंक अधिकारियों ने सभी खाताधारकों को भुगतान देने की व्यवस्था में भी अब परिवर्तन कर दिया है। बड़े खाताधारकों को भुगतान देने में बैंक की ओर शर्तें रख दी गई हैं।
एसबीआई ने बाहरी शाखा के समस्त खाताधारकों को भुगतान देने पर रोक लगा दी है। बैंक आफ बड़ौदा ने बाहरी खाताधारकों को भुगतान देने की अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये निर्धारित कर दी है।
सूत्रों की मानें तो आरबीआई से करेंसी चेस्ट मिलने में दो -तीन दिन से अधिक का वक्त लग रहा है। इस वजह सें भुगतान में समस्या आ रही है। शीर्ष बैंकों के अलावा छोटी शाखाओं को भी करेंसी चेस्ट न मिलने से भुगतान देने में बाधा खड़ी हो रही है।
एक शीर्ष बैंक के शाखा प्रबंधक ने बताया कि आरबीआई ने डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कदम उठाया है। भुगतान के लिए चालू खाताधारकों व सहयोगी शाखाओं का सहयोग लेना पड़ रहा है।
ग्रामीण बैंकों में भी किल्लत
जिले में विभिन्न बैंकों की 196 शाखाएं स्थापित हैं। इसमें 154 ग्रामीण व 37 शहरी व तीन अर्द्धशहरी शाखाएं हैं। इनमें सर्वाधिक शाखाएं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की हैं। जिले में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की 79 शाखाओं का संचालन किया जा रहा है। स्थिति यह है कि बैंकों की ओर से खाताधारकों को एक बार में अधिकतम 10 से 20 हजार तक का ही भुगतान किया जा रहा है। यह शहरी क्षेत्र का हाल है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक मुख्यालय से कैश न मिलने की वजह से ग्रामीण अंचल की बैंक शाखाओं में 10 से 15 हजार का अधिकतम भुगतान एक दिन में दिया जा रहा है। शनिवार को भी बैंक शाखाओं में खाताधारकों की लंबी कतार धन निकालने के लिए लगी रही। एसबीआई, बीओबी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक समेत करीब 100 बैंक शाखाओं में भुगतान की समस्या रही।
जल्द सुधार के आसार : एलडीएम
लीड बैंक मैनेजर शैलेंद्र कुमार ने बैंकों को करेंसी चेस्ट न मिलने की बात को खारिज किया। उन्होंने बताया कि कैश मिल रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर समस्या है। भुगतान की व्यवस्था में कुछ शाखाओं में परिवर्तन किया गया है, जल्द ही हालात में सुधार हो जाएगा।