आतंकी बुरहान के मारे जाने के बाद घाटी में भड़के दंगे से जिले के 65 अमरनाथ यात्रियों का जत्था जम्मू के बालटाल में फंस गया है। बालटाल में यात्रियों का जत्था सेना के जवानों की देेखरेख में एक पीपे वाला पुल के पास एक बेस कैंप में शरण लिए हुए है।
दो दिनों बेस कैंप में शरण लिए श्रद्घालुओं का जत्था मुसीबतों से घिरा है। पानी व रहने के लिए टेंट की दिक्कत पैदा हो गई है। घाटी में चल रही हिंसात्मक घटनाओं व तोड़फोड़ से यात्री व उनके परिवारीजन दहशत में हैं। हालांकि बालटाल में फंसे यात्री सुरक्षित हैं एवं उनकी परिवारीजनों से बराबर बातचीत हो रही है। फिलहाल प्रशासन को किसी भी यात्री के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
तीन जुलाई को निकला था 65 श्रद्घालुओं का जत्था
जिले से करीब 65 श्रद्घालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा पर तीन जुलाई को बेगमपुरा एक्सप्रेस से निकला था। यह जत्था बाबा बर्फानी (अमरनाथ) का दर्शन करके आठ जुलाई को बालटाल पहुंचा था। इसी दौरान आतंकी बुरहान की मौत के बाद घाटी में भड़के दंगे व शुरू हुई मारकाट के बाद सेना के जवानों ने जिले के श्रद्घालुओं समेत बालटाल में पहुंचे अन्य श्रद्घालुओं को वहीं रोक दिया गया है। बालटाल में फंसे गंदानाला रोड के रजनीश बरनवाल ने बताया कि करीब 25 हजार यात्री बालटाल में दो दिनों से फंसे हैं। घाटी में चल रही मारकाट व तोड़फोड की वजह से सेना के जवान किसी को बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।