दहेज हत्या में पति
को 10 साल कैद
क्रासर-
साक्ष्य के अभाव में सास-ससुर बरी
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। दहेज हत्या के मामले में एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने सोमवार को आरोपी पति को दोषी करार देते हुए 10 वर्षं के कारावास व सात हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी सास व ससुर को बरी कर दिया है। मामला गोसाईगंज थाने के ग्राम मौहाड़ा मौजा सरवन से जुड़ा है।
गांव निवासी पतिराज निषाद के पुत्र जितेंद्र कुमार उर्फ करिया की शादी घटना से चार वर्ष पूर्व कोतवाली देहात थाने के कुछमुछ गांव निवासी रामप्रताप निषाद की पुत्री अनीता उर्फ नीतू के साथ हुई थी। आरोप है कि ससुरालीजन दहेज में बाइक की मांग को लेकर अनीता उर्फ नीतू को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर तीन अक्तूबर 2011 को ससुरालीजनों ने अनीता उर्फ नीतू की हत्या कर दी थी और उसकी लाश को मड़हा में रस्सी के सहारे लटका दिया था। पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर दर्ज दहेज हत्या के मुकदमे की विवेचना पूरी कर आरोपियों पति जितेंद्र कुमार उर्फ करिया निषाद, सास प्रेमपती उर्फ घुग्घा व ससुर पतिराज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान सरकारी वकील रमेशचंद्र सिंह ने घटना को साबित करने के लिए छह गवाहों को पेश किया। एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने सोमवार को आरोपी पति जितेंद्र कुमार उर्फ करिया को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सास व ससुर को बरी कर दिया है।