इलाज के अभाव में
घायल मोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लंभुआ (सुल्तानपुर)। कुत्तों के हमले में घायल मोर की इलाज के अभाव में शनिवार देर रात वन कार्यालय में मौत हो गई। घायल मोर को पशु चिकित्सालय से बगैर इलाज के लौटा दिया गया था। मोर की मौत को लेकर ग्रामीणों में रोष है। तहसील क्षेत्र के पिलखिनी गांव में शनिवार को एक मोर पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। हमले में मोर गंभीर रूप से घायल हो गया था। ग्रामीणों ने किसी तरह से मोर को बचाते हुए घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी थी। ग्रामीणों की सूचना पर अधिकारियों ने स्थानीय क्षेत्रीय वनाधिकारी कार्यालय से वन कर्मी हीरालाल को भेजा था। हीरालाल घायल मोर का इलाज कराने पशु चिकित्सालय पहुंचा लेकिन वहां चिकित्सक नदारद रहे। इस वजह से मोर का उपचार नहीं हो सका। इलाज न होने पर वन कर्मी उसे लेकर वापस क्षेत्रीय वनाधिकारी कार्यालय पहुंचा। घटना की जानकारी पशु चिकित्साधिकारियों को होने के बाद भी वन कार्यालय पर कोई पशु चिकित्सक घायल मोर के इलाज के लिए नहीं पहुंचा। वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय पर देर रात घायल मोर ने दम तोड़ दिया।
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नहीं पहुंचे चिकित्सक: रेंजर
क्षेत्रीय वनाधिकारी प्रवीन खरे ने बताया कि वन कार्यालय पर देर रात मोर की मौत हो गई। पशु चिकित्सा विभाग से उनके कार्यालय पर घायल मोर का उपचार करने के लिए कोई चिकित्सक नहीं आया। मोर गंभीर रूप से घायल था। उसका सही उपचार नहीं हो सका। इस वजह से उसकी मौत हो गई।
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भेजी गई थी टीम: सीवीओ
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि घायल मोर की सूचना मिलते ही चिकित्सकों की टीम वन कार्यालय भेजी गई थी। चिकित्सक घायल मोर का इलाज भी किया गया था। चिकित्सकों के वन कार्यालय न पहुंचने के आरोप बेबुनियाद हैं। मोर के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।