सुल्तानपुर। तेज धूप व गर्मी के बीच 60 से अधिक राजकीय नलकूपों का संचालन बंद होने से करीब 2000 बीघे की फसल सूख रही है। जायद की फसलों को पानी की ज्यादा जरूरत होती है। प्रभावित किसान सरकार से नलकूप दुरुस्त कराने की मांग कर रहे हैं।
जिले में 350 से अधिक राजकीय नलकूप स्थापित हैं। नहर के पानी से वंचित क्षेत्रों में सिंचाई का प्रमुख संसाधन राजकीय नलकूप ही हैं। इस समय खेतों में जायद की प्रमुख फसलें जैसे ककड़ी, खीरा, तरबूज, नेनुुआ, तोरई, लौकी, कद्दू, टमाटर, मिर्च, बैगन समेत अन्य मौसमी सब्जियां लगी हैं। इनकी सिंचाई के लिए पानी की किल्लत आड़े आ रही है। इस समस्या पर नलकूप खंड के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बल्दीराय के जरईकला गांव में स्थापित राजकीय नलकूप कई वर्षों से बंद पड़ा है। यहां के किसानों को सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी नलकूप कम होने के चलते लोगों कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। इससे फसल प्रभावित हो रही है। क्षेत्र के राम प्रसाद, राधेश्याम, दीन दयाल समेत अन्य किसानों ने बताया कि इस समस्या को दूर कराने के लिए सरकार पहल करे।
बोरिंग फेल हो जाने से क्षेत्र के ग्रेंट कुड़वार स्थित नलकूप संख्या 143 व सरकौड़ा गांव स्थित नलकूप संख्या 147 बंद पड़े हैं। अवर अभियंता नलकूप राजेंद्रप्रसाद द्विवेदी ने बताया कि यांत्रिक खराबियों को ठीक कराकर नलकूप चालू कराया जाएगा। (संवाद)
अलीगंज क्षेत्र के मनियारी गांव स्थित राजकीय नलकूप एसजी 53 तकरीबन छह माह से बंद पड़ा है। किसान सिंचाई से वंचित हैं। राजेश मौर्य, राम भवन, विजय यादव, मोहम्मद अख्तर, अब्दुल रब एहसान उल्ला व गुड्डू ने बताया कि इस समय सब्जियों की खेती भगवान भरोसे है। इससे नुकसान हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित जो राजकीय नलकूप आंशिक विद्युत व यांत्रिक दोष से बंद पड़े हैं, उन्हें तो ठीक करवाए जाने की व्यवस्था की जाएगी। कुछ नलकूप क्रिटिकल श्रेणी में आ चुके हैं, उनके स्थान पर नए नलकूप ही स्थापित करवाए जाएंगे। इसके लिए उच्च स्तर पर सूचना भेज दी गई है।
-जगदीश कुमार, एक्सईएन, नलकूप खंड