विधानसभा का पांचवें चरण का मतदान सोमवार को छिटपुट झड़पों को छोड़ तकरीबन शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। चुनाव में सुल्तानपुर व अमेठी में 56 प्रतिशत मतदान हुआ। कुछ मतदान केंद्रों पर वोटरों की कतार लगी होने की वजह से पांच बजे के बाद भी मतदान कराया गया। देर शाम मतदान समाप्ति के साथ सुल्तानपुर के पांच विधानसभा क्षेत्र के 64 व अमेठी की चार विधानसभा क्षेत्र के 64 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया।
चुनाव के दौरान दोनों जिलों में ईवीएम की खराबी से दर्जनों बूथों पर मतदान बाधित रहा। कई जगहों पर ईवीएम को बदलना पड़ा। अधिकारी भी ईवीएम खराबी की दिक्कतों से जूझते रहे। सुल्तानपुर की वोटिंग में बीते लोकसभा का चुनाव का रिकॉर्ड मतदाताओं ने तोड़ दिया लेकिन वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पीछे रह गए। मतदान के दौरान इसौली, सुल्तानपुर, सदर, लंभुआ व कादीपुर विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के एजेंटों के बीच मामूली झड़प व नोकझोंक हुई।
करौंदीकलां के परशुरामपुर, लंभुआ के रानीपुर, मोतिगरपुर के मीरपुर सरैया, काछाभिटौरा, इसौली के पीरोसरैया में दो पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक व मामूली झड़पें हुईं। पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कर दिया। अमेठी जिले के जगदीशपुर, गौरीगंज, अमेठी और तिलोई विधानसभा क्षेत्र में कहासुनी की छिटपुट घटनाओं के बीच 57.14 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुछ बूथों पर सुरक्षा कर्मियोें व अभिकर्ताओं से तू-तू मैं-मैं हुई। पांच बजे तक लाइन में लगे मतदाताओं का वोट देर शाम साढ़े छह बजे तक डलवाया गया। शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। मतों की गणना 11 मार्च को होगी।