दस लाख रुपये वार्षिक आय वालों की एलपीजी सब्सिडी बंद होने से इस दायरे में आने वाले करीब 500 उपभोक्ता इससे वंचित हो जाएंगे। हालांकि इससे 90 हजार से अधिक एलपीजी कनेक्शन वाले जिले में खास फर्क नहीं पड़ेगा। दस लाख रुपये से अधिक की आय के दायरे में आने वालों में व्यापारी, अधिकारी और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षक शामिल हैं।
जनपद में कुल 90 हजार से अधिक गैस के एलपीजी कनेक्शन धारक हैं। इसमें अमेठी गैस सर्विस में 27000 कनेक्शनधारक हैं। हिंदुस्तान गैस सर्विस 15000 कनेक्शन धारक हैं। सुल्तानपुर गैस सर्विस में 25 हजार गैस उपभोक्ता हैं। इनके अलावा शहर में अन्य गैस एजेंसियां भी संचालित हैं। कूरेभार, कुड़वार, दोस्तपुर, कादीपुर, कोइरीपुर, जयसिंहपुर, दोस्तपुर, कोइरीपुर आदि स्थानों पर भी गैस एजेंसियां हैं।
इन गैस एजेंसियों के कनेक्शन धारकों में दो तिहाई से ज्यादा सब्सिडी वाले हैं। सरकार के नए फैसले के मुताबिक एक जनवरी 2016 से 10 लाख रुपये से अधिक सालाना आय करने वाले सब्सिडी धारकों को मिलने वाली छूट पर रोक लग जाएगी। आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अमूमन डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर की आय इस दायरे में आती है। इसके अलावा कुछ व्यापारी व सीमित सरकारी कर्मचारी इस कैटेगरी में हैं।
अधिकतर व्यापारी फर्म के जरिए कारोबार करते हैं। लिहाजा वे उनकी आय वैयक्तिक प्राप्ति के दायरे में नहीं आ पाती। विभाग के मुताबिक जिले में करीब 500 लोग ही इस दायरे में आएंगे। सुल्तानपुर गैस एजेंसी संचालक जियाउल हसनैन ऩे बताया कि एजेंसी पर उपभोक्ता की आय का डाटा नहीं होता। ऑनलाइन सब्सिडी रुकने के बाद ही इससे प्रभावित होने वालों की संख्या का पता चल सकेगा।