सुल्तानपुर। शासन के सख्त निर्देशों के बाद भी किसानों को नियत समय में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। चीनी मिल पर किसानों का पांच करोड़, नौ लाख, 31 हजार रुपये का भुगतान बकाया है। 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का नियम हवा में उड़ रहा है। पिछले पेराई सत्र के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। इससे किसानों को खेती-किेसानी के कार्य में परेशानी होने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराने में दिक्कतें हो रही हैं।
जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल में 12 दिसंबर 2018 को गन्ने की पेराई शुरू हुई थी। 19 मई 2019 को पेराई सत्र का समापन हुआ था। पेराई सत्र के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों के किसानों के 36 करोड़, 24 लाख, एक हजार रुपये गन्ने की पेराई चीनी मिल में हुई थी।
जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अखिलेश पांडेय ने बताया कि चीनी मिल में किसानों का पांच करोड़, नौ लाख, 31 हजार रुपये अभी भी बकाया है। बकाया गन्ना मूल्य के लिए किसान परेशान हैं। किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के लिए चीनी मिल का चक्कर काटना पड़ रहा है। किसानों को खेती-किेसानी के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी दिक्कतें हो रही हैं।
सरकार ने 14 दिन के अंदर किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करने का नियम बनाया है। नियत समय में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने पर किसानों को बकाया रुपये पर ब्याज देने की व्यवस्था की गई है। किसान सहकारी चीनी मिल में इन नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है।
किसान सहकारी चीनी मिल के जीएम रामजी सिंह ने बताया कि किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाएगा।