मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। क्षेत्र में आंधी से तहस-नहस हुई बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पोल का टोटा पड़ गया है। क्षेत्र में लगाने के लिए नए पोल के पहुंचते ही छीना-झपटी मच गई है। इस वजह से एचटी लाइन की आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है। करीब 44 गांव सात दिन से अंधेरे में हैं।
पहली मई को बारिश के साथ क्षेत्र में आई आंधी से दियरा विद्युत उपकेंद्र के करीब 200 पोल व तार टूट गए थे। आंधी से उपकेंद्र के मोतिगरपुर, दियरा, इंडोडच, पहाड़पुर और बरौंसा फीडरों की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह तहस-नहस हो गई है। दियरा फीडर के करीब 91 और पहाड़पुर फीडर के करीब 83 पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। यही हाल अन्य फीडरों का भी रहा है।
विद्युत वितरण की ओर से क्षतिग्रस्त 200 पोलों के स्थान पर अभी तक करीब 60 पोल ही भेजे जा सके हैं। कई शिफ्ट में पहुंच रहे पोलों को लेकर ग्रामीणों में छीना-झपटी मच गई है। इस वजह से खास जगहों पर पोल नहीं लग पा रहे हैं।
स्थिति यह हो गई है कि उपकेंद्र पर एचटी लाइन ठीक करने के लिए पोल पहुंचते ही ग्रामीण उसके लिए टूट पड़ रहे हैं। एक्सईएन आरके त्रिपाठी ने बताया कि पोल लगातार आ रहे हैं। जल्द ही आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी। ग्रामीणों की वजह से कुछ दिक्कत आ रही है।
शनिवार शाम गोदलपुर के लोग बड़ी संख्या में उपकेंद्र पर पहुंचकर रोकने के बावजूद एचटी लाइन के लिए आए पांच पोल जबरन उठा ले गए। रविवार को दिन में पोल कम पड़ने की वजह से फिर दिक्कत हो गई। दो दिन पहले मैरीरंजीत के ग्रामीण 10 पोल दबाव बनाकर उठा ले गए थे। शिकायत डीएम तक पहुंच गई। डीएम के निर्देश पर रविवार को ईई आरके त्रिपाठी जांच को पहुंचे।
यहां अंधेरे में बसर कर रहे लोग
पोलों की मची छीना-झपटी में सात दिन से भट्टदुलैचा, गोदलपुर, हरसायन नागापुर, राघवपुर, वीवीपुर, मैरीसंग्राम, सुकाली का पूरा, लबदेहा, अठैसी, डड़वाकलां, मोतिगरपुर दलित बस्ती, यादव बस्ती, बेलवारी, शाहपुर लपटा, नथईपुर, सरैया केल्हनपुर और कोल्हुआमऊ समेत करीब 44 पुरवों की आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। इससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।