फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एडवायजरी- परिषदीय विद्यालय

विज्ञापन
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को आधी किताबें भी नहीं मिलीं
विज्ञापन

सुल्तानपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों के करीब पौने तीन लाख बच्चों को चार माह बाद भी पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। शासन की ओर से आपूर्ति में ढिलाई की वजह से मात्र 29 प्रतिशत किताबों का ही वितरण हो सका है। मजबूरी में बच्चों को पुरानी पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाई करनी पड़ रही है।

जिले के 612 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 91,744 बच्चे और 1735 प्राथमिक विद्यालयों में 1,77,610 बच्चे नामांकित हैं। बच्चों में ड्रेस वितरण के लिए पहली किस्त के रूप में 5.03 करोड़ रुपये भेजे गए लेकिन शासन से पुस्तकों आपूर्ति में ढिलाई की वजह से वितरित नहीं हो सका है। अब तक 14,72,654 पाठ्य पुस्तकों में से मात्र 4,22,804 पुस्तकें ही जिले को मिली हैं। इनमें से 2,85,001 पुस्तकों का सत्यापन कर वितरण के लिए जिला मुख्यालय से ब्लॉक संसाधन केंद्रों को भेजा गया है।
विज्ञापन


मॉडल स्कूलों के लिए नहीं आईं पुस्तकें
जिले के 90 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम मॉडल स्कूलों के रूप में चलाया जा रहा है। इन विद्यालयों के बच्चों को इंग्लिश मीडियम की पुस्तकें नहीं मिली हैं। पुस्तक वितरण का जिम्मा संभाल रहे उपेंद्र सिंह बताते हैं कि पुस्तकों की आपूर्ति के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से क्रय आदेश जारी किया गया है। आपूर्ति होते ही मॉडल स्कूलों को पाठ्य पुस्तकें भेजी जाएंगी।

जूते-मोजे का शुरू हुआ वितरण
जिले के 14 ब्लॉकों में से दो ब्लॉक में जूते-मोजे की आपूर्ति हो गई है। अन्य विकास खंडों में भी फर्म की ओर से जूता-मोजा की आपूर्ति की जा रही है। जिले के दूबेपुर व करौंदीकलां विकास खंड क्षेत्र में बच्चों के जूते-मोजे भेजे गए हैं।
विज्ञापन


आपूर्ति मिलते ही होगा वितरण : बीएसए
बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह के मुताबिक परिषदीय विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति शुरू हो गई है। जल्द ही शेष पुस्तकें मिलने की उम्मीद है। आपूर्ति होते ही विद्यालयों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की जाएंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें